गाजीपुर। भाई-बहन के बीच में प्रेम के अटूट रिश्तों का पावन त्योहार रक्षाबंधन नंदगंज बाजार और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांध कर उनकी लंबी उम्र, सुख और समृद्धि की कामना करती है। तो बदले में भाईयों ने भी अपनी बहन की रक्षा और हर मुश्किल घड़ी में उसका साथ देने का वादा किया। इस मौके पर भाई अपने बहन को सौगात के रूप में नगद धनराशि के साथ मिठाई एवं अन्य सामानों का उपहार देता है। रक्षाबंधन को लेकर शनिवार को सुबह से ही मिठाई और राखी की दुकानो पर भीड़ लगी रही। रक्षाबंधन त्यौहार से जुड़ी पौराणिक कथाओं के अनुसार महाभारत में जब भगवान श्रीकृष्ण की उंगली सुदर्शन चक्र से कट गई थी तो द्रौपदी ने अपनी साड़ी का पल्लू फाड़कर उनकी उंगली पर बाँध दिया था। इस स्नेह से अभिभूत होकर श्रीकृष्ण ने द्रौपदी की हर संकट में रक्षा करने का वचन दिया था। जिसे कृष्ण ने द्रौपदी के चीरहरण के समय निभाया था। इसी प्रकार एक अन्य कथा में मिलता है कि एक बार जब देवताओं और दानवों के बीच युद्ध हो रहा था तो इंद्र की पत्नी इंद्राणी ने अपने पति की जीत के लिए उनके हाथ पर एक रक्षा सूत्र बांधा था। जिससे इंद्र की रक्षा हुई और इन्द्र की जीत हुई थी। मेवाड़ की रानी कर्णावती ने मुगल बादशाह हुमायूं को बहादुर शाह से अपने देश की रक्षा हेतु राखी भेजी थी। तो हुमायूं ने राखी का मान रखकर अपनी हिन्दू मुंहबोली बहन का परम्परा से हटकर भरपूर मदद किया था। इसीलिए यह रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के रिश्ते को और भी मजबूत बनाता है। बहनों के साथ भाईयों को भी इस रक्षाबंधन त्योहार की सदैव प्रतीक्षा रहती है।

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