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अशोका इंस्टीट्यूट वाराणसी में आईएएस प्रवीण प्रकाश का कैरियर गाईडेंस पर हुआ व्याख्यान, बोलें- परिश्रम ही सफलता की कुंजी

अशोका इंस्टीट्यूट में छात्रों के लिए आयोजित विशोष कैरियर गाईडेंस सत्र आयोजित हुआ जिसके मुख्य वक्ता 1994 बैच के आईएएस प्रवीण प्रकाश थे । कार्यक्रम कालेज के नए सेमिनार हॉल में आयोजित हुआ इस विशेष सत्र का विषय था क्या बिना आईआईटी ,आईआईएम पढे या कालेज में टॉपर हुए भी यूपीएससी या पीसीएस परीक्षा में सफलता पाई जा सकती है । कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य वक्ता आईएएस प्रवीण प्रकाश ने दीप जलाकर और मां सरस्वती की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया इस दौरान डायरेक्टर अशोका डा0 सारिका श्रीवास्तव , डायरेक्टर फार्मेसी डा0 बृजेश सिंह ,डीन एकेडमी प्रो0 एस0 के0 शर्मा,  डीन कंम्प्युटर साइंस प्रो0 एल0एस0 मौर्या उद्घाटन समारोह में शामिल रहे । मुख्य वक्ता का जीवन परिचय ह्युमैनिटी एण्ड अप्लाइड साइंस के प्रो0 हसीबुद्दीन ने दिया। आईएएस प्रवीण प्रकाश ने छात्रों को कैरियर गाईडेंस के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए जीवन के महत्वपूर्ण पडाव पर चर्चा की उन्होंने बताया कि हमलोगों के लाइफ में चार अश्रम होते हैं ब्रह्मचर्य 25 वर्ष तक, दूसरा गृहस्थ तीसरा वानप्रस्थ और चौथा सन्यास इन सभी आश्रम की समय सीमा बताया और आयु के प्रत्येक पडाव में जीवन के महत्वपर्ण कार्य को समय रहते अचीव करने की सलाह दी । उन्होंने छात्रों को बताया कि अपने दिमाग से यह फर्क बाहर निकाल दें कि हमने इंग्लिश मीडियम से पढाई नहीं की है इसलिए घबराने की जरुरत नहीं है । आप हमेशा सुनने की आदत डालें सुने सबकी लेकिन करें अपने मन की । इसलिए पढाई खतम होने के बाद सोचिए मैं एक आईएएस बनना चाहता हूं ,सिविल सेवा में जाना चाहते हैं या अपने देश की रक्षा के लिए बार्डर पर जाना चाहते हैं , मै देश की बडी बडी कंपनियों में बडे पदों पर जाना चाहता हूं ,मैं विदेश में जाकर साफ्टवेयर इजीनियर बनना चाहता हूं ,मुझे इण्डिया के स्टार्टअप जोमैटो, स्वीगी पेटीएम इत्यादि में जाना चाहता हूै और उनके जैसा बनना चाहता हॅं, मैं डीएम ,कमिश्नर ,नगर आयुक्त इत्यादि बनना चाहता हॅंू ,टाटा, बिरला, अंबानी के जैसा बिजनेस मैन बनना चाहता हॅंू। विदेश में मल्टीनेषनल कंपनी गूगल , टेस्ला माइक्रोसाफ्ट में जाब करना चाहते हैं हमारे सारे सपने ग्रेजुएशन के पूरे होने शुरु  होते हैं जिसके लिए कोई न कोई एग्जाम देना होता है इसके लिए आपको फुल टाइम तैयारी करनी होगा सुबह नौ बजे से लेकर ष्शाम छह बजे तक अपनी तैयारी करें और इतना ही नहीं अपने माता पिता से पैसे मांगने में जो परेषानी होती है उसके लिए हम अपने बचे हुए समय में बिना शर्म किए कोई न कोई पार्ट टाईम काम जरुर करें इससे माता पिता पर पैसा देना का दबाव भी कम होगा उन्होंने एक महत्वपूर्ण बात कही दस हजार धण्टे पढाई करें उदाहरण के तौर पर याद करें सचिन तेंदुलकर ,धोनी ,विराट कोहली का उदाहरण दिया और बताया क्या हम अपनी लाइफ के लिए दो साल दस महीने नहीं दे सकते हैं जबकि आपके पास टाइम है। आप एैसा करके अपना सपना पूरा कर सकते हो । हमें कुछ पाना है तो हमें उस लेबल तक जाकर प्रैक्टिस करनी होगी। अपने उद्बोधन के बाद मुख्य वक्ता ने छात्रों से मुलाकात की और उनके सवालों का जवाब दिया कार्यक्रम के अंत में डायरेक्टर अशोका डा0 सारिका श्रीवास्तव ने मुख्य अतिथि का धन्यवाद ज्ञापित किया । यह कार्यक्रम अशोका सैक की अध्यक्षा डा0 शर्मीला सिंह और कैरियर गाइडेंस सेल के नेत्त्व में आयोजित हुआ और संचालन छात्रा सदफ और रिद्धिमा ने किया ।

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