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सत्यदेव इंटरनेशनल स्कूल, गाजीपुर में हिंदी दिवस पर हुआ विशेष आयोजन

गाजीपुर। सत्यदेव इंटरनेशनल स्कूल में हिंदी दिवस के अवसर पर विद्यालय प्रांगण में मॉर्निंग असेंबली के दौरान एक महत्वपूर्ण आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्रों ने एक मधुर गीत प्रस्तुत कर हिंदी भाषा की महत्ता को उजागर किया। गीत के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और एकता का प्रतीक है।कार्यक्रम के दौरान छात्रा चंदनु तिवारी ने अपने प्रभावशाली भाषण में हिंदी भाषा के महत्व को रेखांकित करते हुए  कहा कि हिंदी वह भाषा है जिसमें हमें मां की लोरी सुनाई देती है। दादी,नानी की कहानी हमारे बचपन को रंगीन बनाती हैं।हिंदी ने कबीर को साखियां, तुलसी को चौपाइयां और और मीरा को भक्ति रस और प्रेमचंद की कहानियों में समाज की झलक दिखाई  देता है।इसके बाद हिंदी शिक्षक अवनीश राय ने  हिंदी की सुंदरता, सरलता और वैश्विक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कुछ उत्कृष्ट पंक्तियाँ भी प्रस्तुत कीं। सत्यदेव इंटरनेशनल स्कूल की प्रबंधक डॉ प्रीति सिंह ने विद्यालय परिवार को हिंदी दिवस की बधाई देते हुए सभी विद्यार्थियों को अपने जीवन में हिंदी के प्रति अटूट प्रेम रखने की महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि जैसे हम सब अपनी मां से प्यार करते हैं उसी तरह से हिंदी हमारी मातृभूमि की भाषा है। वह हमारी पहचान है, हमारी संस्कृति है, और  उसकी गरिमा हमेशा कायम रखना हम सबका कर्तव्य है।कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्राचार्य चन्द्रसेन तिवारी ने अपनी स्वयं रचित पंक्तियों के माध्यम से हिंदी भाषा और विद्यालय के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। उनके द्वारा  महत्वपूर्ण पंक्तियां _

गाजीपुर। सत्यदेव इंटरनेशनल स्कूल में हिंदी दिवस के अवसर पर विद्यालय प्रांगण में मॉर्निंग असेंबली के दौरान एक महत्वपूर्ण आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्रों ने एक मधुर गीत प्रस्तुत कर हिंदी भाषा की महत्ता को उजागर किया। गीत के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और एकता का प्रतीक है।कार्यक्रम के दौरान छात्रा चंदनु तिवारी ने अपने प्रभावशाली भाषण में हिंदी भाषा के महत्व को रेखांकित करते हुए  कहा कि हिंदी वह भाषा है जिसमें हमें मां की लोरी सुनाई देती है। दादी,नानी की कहानी हमारे बचपन को रंगीन बनाती हैं।हिंदी ने कबीर को साखियां, तुलसी को चौपाइयां और और मीरा को भक्ति रस और प्रेमचंद की कहानियों में समाज की झलक दिखाई  देता है।इसके बाद हिंदी शिक्षक अवनीश राय ने  हिंदी की सुंदरता, सरलता और वैश्विक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कुछ उत्कृष्ट पंक्तियाँ भी प्रस्तुत कीं। सत्यदेव इंटरनेशनल स्कूल की प्रबंधक डॉ प्रीति सिंह ने विद्यालय परिवार को हिंदी दिवस की बधाई देते हुए सभी विद्यार्थियों को अपने जीवन में हिंदी के प्रति अटूट प्रेम रखने की महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि जैसे हम सब अपनी मां से प्यार करते हैं उसी तरह से हिंदी हमारी मातृभूमि की भाषा है। वह हमारी पहचान है, हमारी संस्कृति है, और  उसकी गरिमा हमेशा कायम रखना हम सबका कर्तव्य है।कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्राचार्य चन्द्रसेन तिवारी ने अपनी स्वयं रचित पंक्तियों के माध्यम से हिंदी भाषा और विद्यालय के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। उनके द्वारा  महत्वपूर्ण पंक्तियां _

“राजाओं का सजा दरबार है हिंदी

आक्रांताओं का कारागार है हिंदी

होली, दीपोत्सव का त्यौहार है हिंदी

दैनिक जीवन का अखबार है हिंदी।।

 

उनकी प्रस्तुति ने सभी उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। अंत में उन्होंने सभी अतिथिगण प्रबुद्ध शिक्षक गण शिक्षणेत्तर कर्मचारीगण तथा विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर सत्यदेव ग्रुप ऑफ़ कॉलेजेस के काउंसलर दिग्विजय उपाध्याय रेजिडेंट डायरेक्टर अमित रघुवंशी समेत सभी  शिक्षकगण तथा गैर-शिक्षण कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल  आयोजन ने हिंदी भाषा के प्रति सम्मान और गर्व की भावना को और गहरा कर दिया।

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