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मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर को टीसीएस ने दिया TCS Priority Institution का प्रतिष्ठित दर्जा

लखनऊ। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी), गोरखपुर को विश्व की दिग्गज आई टी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) द्वारा ‘टीसीएस प्राथमिकता संस्थान’ (TCS Priority Institution) का प्रतिष्ठित दर्जा प्रदान किया गया है। यह दर्जा वर्तमान शैक्षणिक वर्ष से प्रभावी होगा, जो विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता और उद्योग जगत से सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता का सूचक है। टी सी एस के एकेडमिक एलायंस ग्रुप के हेड डॉ के एम सुशींद्रन ने अपने ई मेल के माध्यम से टी सी एस के इस निर्णय से विश्वविद्यालय को अवगत कराया।बताते चलें कि जुलाई 2025 में टी सी एस की टीम ने विश्वविद्यालय का दौरा किया था। अपने दौरे में टी सी एस की टीम ने विश्वविद्यालय के भौतिक संसाधनों, शिक्षण प्रशिक्षण की स्थिति, शोध की स्थिति, प्लेसमेंट की स्थिति आदि की जानकारी हासिल की थी। इसके साथ ही टीम ने शिक्षकों, विद्यार्थियों, और अधिकारियों से मुलाकात कर वस्तुस्थिति जानने की कोशिश की थी। टी सी एस की मूल्यांकन प्रक्रिया में सफल होने पर विश्वविद्यालय को ‘टी सी एस प्रायोरिटी इंस्टीट्यूशन’ का दर्जा दिया गया है। ‘टीसीएस प्राथमिकता संस्थान’ के रूप में मान्यता मिलने के बाद अब एमएमएमयूटी को अब टीसीएस की कैंपस भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता मिलेगी, जिससे छात्रों को जल्दी अवसर प्राप्त होंगे। इसके अतिरिक्त, टीसीएस की एकेडमिक एलायंस ग्रुप (एएजी) और टैलेंट एक्विजिशन ग्रुप (टीएजी) के साथ निरंतर बौद्धिक सहयोग और बढ़ी हुई भागीदारी सुनिश्चित होगी। अगले तीन वर्षों में, टीसीएस विभिन्न मापदंडों पर विश्वविद्यालय के प्रदर्शन की निगरानी करेगा, जिसमें शामिल हैं:

  1. प्रत्येक बैच के शीर्ष छात्रों सहित समग्र इंजीनियरिंग बैच की भागीदारी।
  2. ऑफर और जॉइनिंग अनुपात।
  3. टीसीएस ऑफर प्राप्त करने के बाद पोस्ट ऑफर एंगेजमेंट (पीओई) कार्यक्रमों में छात्रों की सक्रिय भागीदारी।
  4. कोडविटा, हैकक्वेस्ट जैसे टीसीएस प्रतियोगिताओं में भागीदारी।
  5. एकेडमिक एलायंस एंगेजमेंट कार्यक्रमों में सहभागिता।
  6. संस्थान का एनआईआरएफ/एनएएसी रैंकिंग।
  7. दीर्घकालिक संबंध सुनिश्चित करने के लिए प्रबंधन का समर्थन।

 

टीसीएस प्रायोरिटी इंस्टीट्यूशन का दर्जा तीन शैक्षणिक वर्षों के लिए वैध होगा और प्रत्येक वर्ष टीसीएस निर्धारित मानदंडों एवं प्रक्रिया पर इस स्टेटस की समीक्षा करेगी। टी सी एस से यह यह मान्यता मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेल के अध्यक्ष प्रो वी के द्विवेदी ने कहा कि “यह सफलता विश्वविद्यालय के छात्रों, संकाय सदस्यों और प्रबंधन के समर्पण का परिणाम है। इससे सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि टी सी एस के ज़्यादा पैकेज वाले पदों की चयन प्रक्रिया में हमारे विश्वविद्यालय के छात्र शामिल हो पाएंगे जिससे छात्रों के औसत पैकेज में भी वृद्धि होगी। टी सी एस के कैंपस प्लेसमेंट में शामिल होने से और बड़ी कंपनियां भी कैंपस प्लेसमेंट के लिए आएंगी। कुल मिलाकर विद्यार्थियों के लिए बहुत लाभ्रपद है यह स्टेटस।” विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो जे पी सैनी जी ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “यह दर्जा हमारे संस्थान की गुणवत्ता और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हम टीसीएस के साथ इस साझेदारी को और मजबूत करने के लिए तत्पर हैं।टीसीएस और एमएमएमयूटी के बीच यह सहयोग एक दीर्घकालिक और पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंध की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

 

 

 

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