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मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर में बी-फार्मा पाठ्यक्रम में बढ़ी सीटें

लखनऊ। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की विद्या परिषद् की 39वीं बैठक दिनांक: 04 अक्टूबर 2025 को  कुलपति प्रो जे पी सैनी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनका सारांश निम्नवत है:-

 

  1. औषधि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा संचालित चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम बी फार्म में वर्तमान प्रवेश क्षमता 60 सीटों को बढ़ाकर शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 100 सीट किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। बताते चलें कि एम एम एम यू टी में वर्ष 2021-22 से बैचलर ऑफ फार्मेसी पाठ्यक्रम 60 सीटों की प्रवेश क्षमता सहित फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के मानक के अनुसार संचालित है। विश्वविद्यालय में वर्तमान में फार्मेसी हेतु उपलब्ध भौतिक संसाधन फार्मेसी काउंसिल के मानक के अनुसार पर्याप्त और इतने हैं कि उनके आधार पर 100 सीटों की भी मान्यता मिल सकती है। इसी के दृष्टिगत बी फार्म की सीटें बढ़ाए जाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था जिसे आज मंजूरी मिली। इस मंजूरी के आधार पर अब विश्वविद्यालय पी सी आई में 100 सीटों की मान्यता के लिए आवेदन करेगा।

 

  1. फार्मेसी विभाग सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने तथा उसे शोध के उच्चतर केंद्र के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य दो नए परास्नातक पाठ्यक्रम एम फार्म (फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री) तथा एम फार्म (फार्मास्यूटिक्स) शैक्षणिक सत्र 2026-2027 से आरम्भ किए जाने की मंजूरी मिली। अभी तक फार्मेसी विभाग में कोई परास्नातक पाठ्यक्रम संचालित नहीं था। दोनों पाठ्यक्रमों के लिए आवश्यक भौतिक एवं मानव संसाधन की व्यवस्था किए जाने हेतु पृथक से वित्त समिति में प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। वित्त समिति की मंजूरी के बाद पाठ्यकम आरम्भ किए जाने संबंधी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।

 

  1. कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग द्वारा संचालित परास्नातक पाठ्यक्रम एम टेक कंप्यूटर साइंस की वर्तमान प्रवेश क्षमता 18 सीटों में वृद्धि कर 30 सीट किए जाने को मंजूरी मिली। प्रवेश लेने वाले छात्रों को तीन क्षेत्रों आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, स्पेशियल इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, तथा साइबर फॉरेंसिक्स में से मनचाहे क्षेत्र में स्पेशलाइजेशन करने का मौका मिलेगा।

 

  1. केमिकल इंजीनियरिंग विभाग में सेंटर फॉर एक्सीलेंस फॉर स्मार्ट एंड सस्टेनेबल माइनिंग स्थापित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी। विश्वविद्यालय को अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ए एन आर एफ) की पेयर योजना के अंतर्गत शोध केंद्र के रूप में चिन्हित किया गया है। इस केंद्र की स्थापना से खनन प्रौद्योगिकी की दिशा में विभाग को महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित किए जाने में सहायता मिलेगी।

 

  1. मालवीय छात्र कल्याण निधि से विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने संबंधी नियमावली में आंशिक संशोधन को मंजूरी मिली।

 

  1. केमिकल इंजीनियरिंग विभाग तथा रसायन विज्ञान विभाग द्वारा पारस्परिक रुचि के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किए जा रहे शोध के दृष्टिगत एक विभाग के स्थाई शिक्षकों को दूसरे विभाग में एडजंक्ट फैकल्टी में रूप में नामित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। अब दोनों विभागों के शिक्षक एक दूसरे के विभागों में एडजंक्ट फैकल्टी नामित किए जा सकेंगे जिससे कि दोनों विभागों में अनुसंधान को बढ़ावा देने में सहायता मिलेगी

 

  1. ऐसे छात्र जो निर्धारित पाठ्यक्रम अवधि में अपना पाठ्यक्रम पूरा नहीं कर पाते, उन्हें प्रति विषय रु. 1000 कैरी ओवर परीक्षा शुल्क तथा रु. 1000 प्रति सेमेस्टर पंजीयन शुल्क के साथ कैरी ओवर परीक्षा में सम्मिलित होकर अपना पाठ्यक्रम पूर्ण किए जाने की अनुमति विद्या परिषद द्वारा प्रदान कर दी गई।

 

  1. विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत सिलेबस, क्रेडिट स्ट्रक्चर आदि में संशोधन किए जाने के प्रस्ताव को विद्या परिषद ने मंजूरी प्रदान की।

 

  1. दसवें दीक्षांत समारोह में विभिन्न विद्यार्थियों को प्रदान की गई विभिन्न उपाधियों, पदक, एवं प्रशस्ति पत्रों की कार्योत्तर स्वीकृति विद्या परिषद द्वारा प्रदान की गई।
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