लखनऊ। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय एवं मालवीय एलुमनाई एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 15-16 नवंबर 2025 के मध्य आयोजित दो दिवसीय ‘मालवीय एलुमनाई मीट-2025’ का आज विश्वविद्यालय के बहुउद्देशीय सभागार में उद्घाटन हुआ। एलुमनाई मीट के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के 1985 बैच के पूर्व छात्र एवं उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री अनिल कुमार मौजूद रहे जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व छात्र एवं एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड, नोएडा के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर श्री अखिलेश दीक्षित उपस्थित रहे। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता माननीय कुलपति प्रो जय प्रकाश सैनी ने की।
उद्घाटन समारोह से पूर्व गोल्डन जुबिली बैच 1975, सिल्वर जुबिली बैच 2000 एवं डिकेड बैच 2015 के पूर्व छात्रों सहित अन्य पूर्व छात्र, एलुमनी एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं माननीय कुलपति महोदय ने परिसर स्थित पंडित मदन मोहन मालवीय एवं वाग्देवी मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पार्चन किया। इसके बाद पूर्व छात्रों की शोभायात्रा मुख्य द्वार से ढोल की धुन पर नाचते गाते बहुउद्देशीय सभागार पहुंची जहाँ वर्तमान छात्रों ने तिलक लगाकर शोभायात्रा में सम्मिलित सभी आगंतुकों का स्वागत किया| मुख्य अतिथि श्री अनिल कुमार, विशिष्ट अतिथि श्री अखिलेश दीक्षित, माननीय कुलपति प्रो जे पी सैनी, एलुमनी एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री जे बी राय, सचिव प्रो वी के द्विवेदी, अधिष्ठाता पुरातन छात्र प्रो जय प्रकाश, प्रतिनिधि गोल्डन जुबिली बैच 1975 श्री ए पी मिश्र, प्रतिनिधि सिल्वर जुबली बैच 2000 श्री विवेक तिवारी, प्रतिनिधि डिकेड बैच 2015 श्री पवनंजय आदि ने वाग्देवी सरस्वती, एवं महामना पं. मदन मोहन मालवीय के चित्र पर माल्यार्पण कर तथा दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया| मालवीय एलुमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री जे बी राय ने स्वागत वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि मैं आप सभी का स्वागत पूरे मन से करता हूं विशेषकर अपने अनुज और मुख्य अतिथि श्री अनिल कुमार का स्वागत करता हूं। उन्होंने अपने अति व्यस्त समय में से समय निकाल कर इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई है। उन्होंने माननीय कुलपति सहित अन्य पूर्व छात्रों का स्वागत करते हुए कहा कि आप सभी का सहयोग निरंतर प्राप्त होता है जिससे ऐसे कार्यक्रम संभव हो पाते हैं। उन्होंने कहा कि सभी मालवीयन्स में जो भावनात्मक लगाव है वह अद्वितीय है। कई पीढ़ी के मालवीयन्स को सफल, और समृद्ध देखकर खुशी होती है। उन्होंने माननीय कुलपति और अंतिम प्राचार्य रहे प्रो जे पी सैनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि अंतिम प्राचार्य के रूप में अपने जो पौधा लगाया था उसको फलते फूलते देखकर हर्ष का अनुभव होता है।
मुख्य अतिथि श्री अनिल कुमार ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज मैं जो कुछ भी हूं वह इसी संस्थान, और इसके शिक्षकों की बदौलत हूं। यह संस्थान मेरी नींव में है। उन्होंने कहा कि यह परम सौभाग्य की बात है कि जिस संस्थान का विद्यार्थी रहा, उस संस्थान में मुख्य अतिथि बनने का अवसर मिला। यह सौभाग्य कम ही लोगों को मिलता है। उन्होंने विश्वविद्यालय की प्लेसमेंट की स्थिति की प्रशंसा की और विश्वविद्यालय को NIRF में अच्छा स्थान पाने पर बधाई दी। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता है। जो भी काम मिले पूरे दिल से और मेहनत से करिये, सफलता जरूर मिलेगी।
विशिष्ट अतिथि श्री अखिलेश दीक्षित ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे खुशी है कि अपनों के बीच में मुझे विशिष्ट अतिथि के रूप में बुलाया गया है। मैं इस संस्थान का सदैव ऋणी रहूंगा। इसी संस्थान के कारण आज मैं सब कुछ हूं। हमारा प्रयास रहेगा कि इस संस्थान की वृद्धि और उन्नति के लिए जो भी संभव होगा हम करेंगें। नए छात्रों से भी उम्मीद है कि वे मेहनत करें और मालवीय परिवार का झंडा ऊंचा रखें।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन के आरम्भ में मा. कुलपति प्रो जे पी सैनी ने पूर्ववर्ती इंजीनियरिंग कॉलेज के विश्वविद्यालय के रूप में पुनर्स्थापित होने की स्मृतियों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय बनने के बाद से संसाधनों में बहुत वृद्धि हुई है। वर्तमान में विश्वविद्यालय अपनी आवश्यकता का लगभग 80 प्रतिशत अपने स्त्रोतों से अर्जित करता है। शेष आवश्यकता के लिए राज्य सरकार से अनुदान मिलता है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ सालों में विश्वविद्यालय को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य है। अपने संबोधन में उन्होंने शोध और उद्यमिता को बढ़ावा देने की योजना, स्टार्टअप को बढ़ावा देने, और पेटेंट को बढ़ावा देने की योजनाओं की चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष एम एम एम यू टी ने राष्ट्रीय रैंकिंग में पांच श्रेणियों में देश के शीर्ष 100 संस्थानों में रैंक हासिल की है। विशेष उपलब्धि यह है कि आस पास के कई राज्यों में एम एम एम यू टी अकेला राज्य विश्वविद्यालय है जिसे पांच श्रेणियों में शीर्ष 100 में जगह मिली है, और एम एम एम यू टी की रैंक 14 एन आई टी संस्थानों से ऊपर है और अगला लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में अच्छा स्थान पाना है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों को सफलता की लत लगानी है और विद्यार्थियों को हर संभव सुविधा और अवसर उपलब्ध कराकर स्टूडेंट सेंट्रिक यूनिवर्सिटी बनाने का लक्ष्य है।
गोल्डन जुबली बैच 1975 के प्रतिनिधि श्री ए पी मिश्र ने मुनव्वर राणा की पंक्तियों “बुलंदियों का बड़े से बड़ा निशान छुआ, उठाया गोद में मां ने तो आसमान छुआ” से बात शुरू करते हुए कहा कि आदमी बड़ा तब होता है जब उसके अपने उसकी मदद करते हैं, उसे आगे बढ़ाते हैं। मैंने सदैव मालवीयन्स की मदद की है, जहां भी जिस भी पद पर रहा हूं, जब भी किसी मालवियन ने मदद मांगी है, मैने हर संभव मदद की है। और मैं आप सभी से अपील करता हूं कि आप सभी अपने छोटे भाईयों की हमेशा मदद करें। यह भी एक तरीका है इस संस्थान को आगे बढ़ाने का।
उद्घाटन सत्र के दौरान सात पूर्व छात्रों को मालवीय डिस्टिंग्विश्ड एलुमनाई अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, जिनके नाम इस प्रकार हैं: –
अकादमिक क्षेत्र में योगदान के लिए प्रो करुणेश कुमार शुक्ल (1996 बैच), निदेशक, मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, भोपाल को
समाज सेवा में योगदान के लिए श्री अनिल कुमार (1997 बैच) को
कला, साहित्य, एवं संस्कृति में योगदान के लिए श्री के एम मिश्र (1973 बैच) को
उद्यमिता विकास में योगदान के लिए श्री अविनाश चंद्र (1971 बैच) को
प्रशासनिक सेवा में योगदान के लिए श्री आर के श्रीवास्तव (1975 बैच) को
इंजीनियरिंग एक्सीलेंस के लिए आई बी एम के श्री प्रवीण कुमार शर्मा एवं इसरो की श्रीमती अंजू दामोदरन ( दोनों 1997 बैच) को
मालवीय डिस्टिंग्विश्ड एलुमनाई सम्मान स्वरूप शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर पिछले कुछ वर्षों में सेवानिवृत हुए शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया जिनमें प्रो अलक राय, प्रो आर पी मणि, प्रो एन पी शुक्ला, प्रो जी एस त्रिपाठी, प्रो अर्जुन दुबे, और प्रो पी के सिंह शामिल रहे। सत्र के दौरान गोल्डन जुबली बैच 1975, सिल्वर जुबली बैच 2000 एवं डिकेड बैच 2015 के पूर्व छात्रों को भी सम्मानित किया गया। उद्घाटन सत्र के अंत में एलुमनी एसोसिएशन के सचिव प्रो वी के द्विवेदी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ मिलिंद राज आनंद, एवं डॉ सबा परवीन ने किया। दोपहर में देश विदेश से आये लगभग 300 पूर्व छात्रों और उनके परिवारों ने परिसर को घूम घूम कर देखा और पुराने दिनों को याद किया| कई एलुमनाई विवि में हुए सकारात्मक बदलावों से प्रसन्न दिखे| दोपहर बाद मालवीय एलुमनाई एसोसिएशन की वार्षिक आम सभा की बैठक हुई| बैठक में मालवीय एलुमनाई एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का चुनाव हुआ। नवीन कार्यकारिणी इस प्रकार है:
अध्यक्ष: इं. सुधीर कुमार वर्मा (1977 बैच)
उपाध्यक्ष: प्रवीर आर्य (1992 बैच), प्रो प्रभाकर तिवारी (1999)
सचिव: डॉ. राजन मिश्र
संयुक्त सचिव (एलुमनी): दुर्गेश कुमार सिंह
संयुक्त सचिव (स्टूडेंट रिलेशन) : संकल्प सिंह
संयुक्त सचिव (उद्योग): हिमांशु मिश्र
कोषाध्यक्ष: डॉ हरीश चंद्र
शाम को विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।
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