गाजीपुर। बभनौली स्थित बाबा बिछुड़ननाथ महादेव धाम पर तीन दिवसीय महा रुद्राभिषेक का जलाभिषेक भव्य भंडारे के साथ सम्पन्न हुआ। हिंगलाज सेना की राष्ट्रीय अध्यक्ष साध्वी लक्ष्मीमणि शास्त्री और मानस विदुषी नीलमणि शास्त्री के प्रयास से आचार्य सोमेश परसाई के सान्निध्य में सवा करोड़ शिवलिंग निर्माण, पूजन अर्चन, श्रृंगार, पंचगव्य संग जलाभिषेक किया गया। आचार्य ने कहा कि भगवान शिव को देवों के देव महादेव कहते हैं। सभी शिवलिंगों की दिव्य नव्य भस्म आरती के माध्यम से विदाई विसर्जन किया गया। इस महा आयोजन में देशभर के ख्यातिनाम कई आश्रमों के महान सन्तों का शुभाशीष लोगों प्राप्त हुआ। संत का प्रत्येक क्षण महत्त्वपूर्ण होता है इसकी महत्व को समझते हुए जो ज्ञान भक्ति उनसे अर्जित कर सकते हैं अर्जित कर लेना चाहिए। गौ संरक्षण पर कहा कि लोगों के घरों में शहर पार जाने के लिए कार रखते है लेकिन जिस गौ माता से वैतरणी पार जाते है उस गौ माता के लिए जगह नही है। अग्नि पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर रामकृष्णानन्द जी महाराज ने श्रद्धालुओं सत्संग के माध्यम से सनातनी जीवन के सत्कर्मों की व्याख्या सुनाई। श्रीकुमार स्वामी जी ने शिवभक्तों के समस्याओं का समाधान के लिए विधि सम्मत अलग अलग मंत्रोच्चार व पूजन प्रक्रिया समझाया। सभी नवग्रह उनके ही अनुचर हैं। यदि आपके मन में किसी भी धर्म कार्य में सहभागी होने का विचार आये तो समझ जाइए कि भगवत कृपा हो गई है। सदगुरु के पास जाएं तो व्यर्थ की चर्चा न करे केवल सारगर्भित बात ही करना चाहिए। मांगे भी तो लौकिक वस्तुएं नही धर्म की चर्चा मांगे, भगवान का सानिध्य मांगे, पूछे तो ये पूछे कि भगवान की कृपा कैसे प्राप्त हो।

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