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तोड़फोड़, हिंसा, व झूठे प्रचार का सहारा नहीं लेती है बसपा- मायावती

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने शनिवार (11 जुलाई) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा पोस्ट जारी कर अपनी पार्टी की कार्यशैली, आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 और विपक्षी दलों को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि बीएसपी दूसरी पार्टियों की तरह राजनीतिक और चुनावी स्वार्थ के लिए धरना-प्रदर्शन, सड़क जाम, हल्लाबोल, सरकारी और निजी संपत्तियों की तोड़फोड़, हिंसा या झूठे प्रचार का सहारा नहीं लेती। बसपा चीफ मायावती ने कहा कि बीएसपी देश की एकमात्र ऐसी अंबेडकरवादी पार्टी है, जो ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत पर काम करती है. उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में बीएसपी की चार सरकारों के दौरान जनहित, विकास, अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था का बेहतर उदाहरण देखने को मिला. उनके मुताबिक, उस दौरान “कानून द्वारा कानून का राज” स्थापित किया गया था। मायावती ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बीएसपी का प्रभाव बढ़ता देख विरोधी दल परेशान हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष अपने राजनीतिक हितों के लिए कुछ दलित संगठनों और पार्टियों का इस्तेमाल कर दलित और बहुजन समाज को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा कि लोगों को ऐसे प्रयासों से सावधान रहने की जरूरत है। बीएसपी प्रमुख ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी चिंता गरीब, मजदूर, बेरोजगार युवाओं और शोषित-पीड़ित वर्ग को लेकर है. उन्होंने कहा कि अगर युवा आंदोलनों के दौरान सरकारी कार्रवाई, मुकदमों या जेल के मामलों में फंस जाते हैं तो उनका भविष्य प्रभावित हो सकता है. वहीं परिवार के मुखिया के ऐसे मामलों में उलझने से पूरे परिवार पर संकट आ सकता है. उन्होंने कहा कि बीएसपी नहीं चाहती कि उसका अंबेडकरवादी मिशन किसी भी तरह प्रभावित हो।

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