वाराणसी। अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित “पायथन फॉर ऑल” विषयक दो दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक प्रोग्रामिंग तकनीकों से परिचित कराना तथा उन्हें उद्योग और अनुसंधान की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाना था। कार्यशाला में प्रशिक्षक के रूप में इं. पंकज कुमार श्रीवास्तव, इं. रवींद्र कुमार शर्मा तथा इं. आलोक गुप्ता ने प्रतिभागी शिक्षकों को पायथन प्रोग्रामिंग के मूल सिद्धांतों एवं उसके व्यावहारिक अनुप्रयोगों का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि पायथन एक सरल, शक्तिशाली और ओपन-सोर्स प्रोग्रामिंग भाषा है, जिसे सीखना अन्य भाषाओं की तुलना में आसान है। इसकी सहायता से कम कोड लिखकर अधिक प्रभावी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि पायथन का व्यापक उपयोग वेब डेवलपमेंट, डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, ऑटोमेशन तथा वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में किया जा रहा है। इसके समृद्ध लाइब्रेरी संग्रह और विभिन्न ऑपरेटिंग सिस्टम पर सहज रूप से कार्य करने की क्षमता इसे आज की सबसे लोकप्रिय प्रोग्रामिंग भाषाओं में शामिल करती है। इस अवसर पर डायरेक्टर डॉ. सारिका श्रीवास्तव ने कहा कि तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों का नवीनतम प्रौद्योगिकियों से अद्यतन रहना अत्यंत आवश्यक है। वहीं डीन, कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग, डॉ. एल.एस. मौर्य ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की तकनीकी दक्षता और शोध क्षमता को सुदृढ़ बनाते हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने सहभागिता की।
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