लखनऊ। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर के 11वें दीक्षांत समारोह की तैयारियों में तेजी आ गई है। 11वें दीक्षान्त समारोह के तुरंत बाद, विश्वविद्यालय में “मां बेटी सम्मेलन” का आयोजन किया जाएगा जिसकी अध्यक्षता स्वयं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल करेंगी। सम्मेलन के दौरान महिला स्वास्थ्य, सुरक्षा, एवं पोषण जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इस सम्मेलन की तैयारियों की कड़ी में प्रतिभागी छात्राओं की स्वास्थ्य जांच हेतु आगामी 24 जुलाई, 2026 को प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया जाएगा। यह शिविर विश्वविद्यालय के महिला कल्याण एवं उत्पीड़न विरोधी प्रकोष्ठ द्वारा छात्र क्रियाकलाप परिषद के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। यह पहल विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर आयोजित होने वाले ‘माँ-बेटी सम्मेलन’ की पूर्ववर्ती गतिविधियों की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने सभी छात्राओं से इस शिविर में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ छात्राएं ही एक स्वस्थ, सक्षम और आत्मनिर्भर समाज की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को भी समान महत्व देता है। छात्राओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा समय रहते संभावित समस्याओं की पहचान करना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। महिला कल्याण एवं उत्पीड़न विरोधी प्रकोष्ठ की अध्यक्ष डॉ. मीनू ने बताया कि शिविर में छात्राओं के हीमोग्लोबिन, ब्लड ग्रुप, ब्लड शुगर तथा ब्लड प्रेशर (बीपी) की निःशुल्क जांच की जाएगी। विश्वविद्यालय की चिकित्सा अधिकारी डॉ. रीना बंका ने बताया कि नियमित स्वास्थ्य परीक्षण से एनीमिया, मधुमेह, उच्च रक्तचाप तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का प्रारंभिक स्तर पर पता लगाया जा सकता है, जिससे समय पर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार सुनिश्चित हो सके। उन्होंने सभी छात्राओं से निर्धारित समय पर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की। उल्लेखनीय है कि 5 अगस्त, 2026 को विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में आयोजित किया जा रहा ‘माँ-बेटी सम्मेलन’ केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि माताओं और बेटियों के बीच संवाद, विश्वास और जागरूकता को सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण सामाजिक एवं शैक्षिक प्रयास है। सम्मेलन में छात्राओं एवं उनकी माताओं के साथ स्वास्थ्य, पोषण, एनीमिया की रोकथाम, मासिक धर्म स्वच्छता, मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक सुदृढ़ता, जीवन कौशल, डिजिटल युग की चुनौतियों, सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण, शिक्षा, आत्मनिर्भरता तथा महिलाओं के सर्वांगीण विकास जैसे विषयों पर सार्थक चर्चा की जाएगी। सम्मेलन का उद्देश्य माताओं को अपनी बेटियों के स्वास्थ्य, शिक्षा, करियर एवं मानसिक विकास में सक्रिय भागीदार बनाना, परिवारों में खुला संवाद बढ़ाना तथा युवतियों को आत्मविश्वासी, जागरूक और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। विश्वविद्यालय का मानना है कि जब परिवार, विशेषकर माँ और बेटी, स्वास्थ्य एवं जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर खुलकर संवाद करते हैं, तब समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी जाती है। इसी सोच के अनुरूप स्वास्थ्य जांच शिविर को माँ-बेटी सम्मेलन से जोड़ा गया है, ताकि छात्राओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित हो और सम्मेलन में होने वाले विमर्श को व्यवहारिक आधार भी प्राप्त हो सके। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी छात्राओं से अपील की है कि वे 24 जुलाई को आयोजित इस निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर में अनिवार्य रूप से भाग लें और अपने स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ आगामी माँ-बेटी सम्मेलन के उद्देश्यों को सफल बनाने में सहभागी बनें।
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