गाजीपुर। सैदपुर के पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता सुभाष पासी के कार्यालय प्रतिनिधि मुनिस्वामी चेलैया योगेश्वर का हृदयाघात से आकस्मिक निधन हो गया। वो महज 54 वर्ष के थे। उनके असामयिक निधन की खबर से न सिर्फ पूर्व विधायक का परिवार, बल्कि सैदपुर क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों में भी शोक की लहर दौड़ गई। पिछले करीब 32 वर्षों से स्वामी, सुभाष पासी के सबसे भरोसेमंद सहयोगी के रूप में उनके साथ जुड़े हुए थे और सैदपुर स्थित कार्यालय का लगभग पूरा दायित्व संभालते थे। मंगलवार की रात मुनिस्वामी सैदपुर स्थित पूर्व विधायक आवास पर थे। इसी दौरान उन्होंने एक सहयोगी को किराने का सामान लेने के लिए बाजार भेजा। सामान खरीदने के बाद सहयोगी ने ऑनलाइन भुगतान कराने के लिए कई बार स्वामी को फोन किया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। काफी देर तक संपर्क न होने पर सहयोगी आवास पहुंचा। वहां कमरे में जाकर देखा तो स्वामी अचेत अवस्था में पड़े थे। तत्काल उन्हें संभालने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे आवास में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना तत्काल मुंबई में मौजूद पूर्व विधायक सुभाष पासी को दी गई। अपने सबसे करीबी सहयोगी के निधन की खबर सुनते ही वह स्तब्ध रह गए। कुछ देर बाद जब उन्होंने खुद को संभाला तो फोन पर ही फूट-फूटकर रो पड़े। इसके बाद वह अपनी पत्नी रीना सुभाष पासी के साथ मुंबई स्थित स्वामी के आवास पहुंचे और वहां उनकी पत्नी तथा बेटी को इस दुखद घटना की जानकारी दी। यह खबर सुनते ही पूरा परिवार बिलख पड़ा। मृतक मुनिस्वामी चेलैया योगेश्वर मूल रूप से चेन्नई के निवासी थे। वर्ष 1994 से वह लगातार सुभाष पासी के साथ जुड़े हुए थे। अपनी ईमानदारी, सादगी, निष्ठा और मृदुभाषी स्वभाव के कारण उन्होंने पूर्व विधायक का अटूट विश्वास अर्जित किया था। संगठनात्मक गतिविधियों से लेकर कार्यालय संचालन तक की अधिकांश जिम्मेदारियां वही संभालते थे। कार्यकर्ताओं के बीच भी उनकी अलग पहचान और सम्मान था। परिजनों के अनुसार उनकी बेटी चार्टर्ड अकाउंटेंट है, जबकि पत्नी भी नौकरीपेशा हैं। स्वामी का परिवार मुंबई में रहता था, जबकि वह अधिकतर समय सैदपुर में रहकर पूर्व विधायक के कार्यालय का कार्य देखते थे। निधन के बाद पूर्व विधायक सुभाष पासी ने उनके पार्थिव शरीर को विमान के माध्यम से मुंबई भिजवाने की व्यवस्था कराई, जहां परिजनों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई के दौरान सुभाष पासी और उनकी पत्नी रीना पासी अपने सबसे विश्वासपात्र सहयोगी को खोने के गम में बार-बार भावुक होते रहे। इधर, सैदपुर स्थित पूर्व विधायक कार्यालय में शोकसभा आयोजित कर स्वामी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान आशु दुबे, श्यामसुंदर, राजाराम, उदय, आकाश, देवेंद्र, आकाश सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। स्वामी के निधन से पूर्व विधायक सुभाष पासी ने न केवल अपना एक विश्वसनीय सहयोगी खोया है, बल्कि सैदपुर ने भी एक ऐसे कर्मठ और सरल व्यक्तित्व को खो दिया, जिसने तीन दशकों से अधिक समय तक बिना किसी प्रचार-प्रसार के पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। उनका निधन राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
Purvanchal News जोड़े आपको पूर्वांचल से….