वाराणसी। सारनाथ से प्रारंभ हुई दस दिवसीय शिविर एवं धम्म चारिका यात्रा के अंतर्गत पूज्य भिक्क्षुओं का दल रविवार को अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट पहुंचा। संस्थान में रात्रि विश्राम के उपरांत सोमवार को भिक्क्षु संघ अपने अगले पड़ाव के लिए प्रस्थान कर गया। इस अवसर पर अशोका परिसर स्थित बुद्धा हॉल में एक विशेष धम्म सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। सभा को संबोधित करते हुए पूज्य भिक्क्षु गुरुधम्मो ने अपने उपदेश में कहा कि भगवान बुद्ध का धम्म मानवता, करुणा, मैत्री और अहिंसा का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने सभी से सदाचार, संयम और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। वहीं पूज्य भिक्क्षु चंदिमा ने अपने प्रवचन में कहा कि धम्म का वास्तविक उद्देश्य मन की शुद्धि, आत्मानुशासन और समाज में शांति एवं सौहार्द स्थापित करना है। उन्होंने बताया कि बुद्ध के विचार आज भी संपूर्ण मानव समाज के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं। कार्यक्रम का संचालन पूज्य भंते शांत रक्खिन ने किया, जबकि पूज्य भंते धम्मशरण ने चिवर दान संपन्न कराया। वक्ताओं ने बताया कि आषाढ़ी पूर्णिमा तक धम्म चारिका एवं शिविर के विभिन्न आयोजन निरंतर चलते रहेंगे। आषाढ़ी पूर्णिमा का विशेष महत्व है, क्योंकि इसी दिन भगवान बुद्ध ने सारनाथ में अपना प्रथम धर्मोपदेश देकर धम्म चक्र प्रवर्तन किया था। इस मौके पर प्रबुद्ध समाजसेवी और अशोका इंस्टीट्यूट के संस्थापक इ.अशोक मौर्य आए अतिथियों का स्वागत किया।

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