शिवकुमार
गाजीपुर। जहूराबाद विधानसभा में पूर्व मंत्री शादाब फातिमा ने समाजवादी पार्टी से टिकट के लिए जोरदार दावेदारी पेश किया है। पूर्व मंत्री शादाब फातिमा के मैदान में आने से जहूराबाद विधानसभा की सियासत और गरम हो गयी है। टिकट के दावेदारी की सूची में शिवकन्या कुशवाहा, उमाशंकर कुशवाहा, राजेश कुशवाहा, महेंद्र चौहान और अब शादाब फातिमा का नाम भी जुड़ गया है। 2022 के विधानसभा चुनाव में जहूराबाद विधानसभा में कुल 407097 मतदाता थे जिसमे कुल 61 प्रतिशत 247266 मतादाताओं ने मतदान किया। जिसमे सुभासपा के प्रत्याशी ओमप्रकाश राजभर ने सपा के गठबंधन पर लगभग 50 हजार मतों से विजय प्राप्त किया। 2004 में सपा सरकार ने शादाब फातिमा को राज्यमंत्री का दर्जा देते हुए उत्तर प्रदेश को-आपरेटिव संघ कर चेयरमैन बनाया। शादाब फातिमा का जिले की राजनीति में 2007 के विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट पर एंट्री हुई। उन्होने बसपा विधायक उमाशंकर कुशवाहा को करीब दो हजार मतों से पराजित कर विधायक निर्वाचित हुई थीं। 2012 में शादाब फातिमा ने सदर विधानसभा की जगह अपने पैतृक विधानसभा जहूराबाद से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और निर्वाचित हो गयीं। अखिलेश सरकार में उन्हे महिला कल्याण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया। इसके बाद मुलायम सिंह परिवार में अखिलेश बनाम शिवपाल का महाभारत शुरु हो गया। इस महाभारत में शादाब फातिमा ने अपने नेता शिवपाल यादव का साथ दिया और जिसका खामियाजा उन्हे भुगतना पड़ा। तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इन्हे मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया। इसके बाद शादाब फातिमा ने शिवपाल यादव की पार्टी को ज्वाइन कर लिया। 2022 के विधानसभा चुनाव में शादाब फातिमा सुश्री मायावती के शरण में चली गयीं। बसपा के टिकट पर वह जहूराबाद से चुनाव लड़ी लेकिन उन्हे सफलता प्राप्त नही हुआ। अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के सुलह के बाद अब शादाब फातिमा के मुख्य धारा में आ गयी हैं और जोरदार तरीके से जहूराबाद विधानसभा में टिकट की दावेदारी कर रही हैं। अब देखना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा सु्प्रीमो अखिलेश यादव उनके दावेदारी पर मुहर लगाते हैं या नहीं।

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