लखनऊ। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के विजन और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा उच्च शिक्षा में डिजिटल परिवर्तन पर दिए गए जोर के अनुरूप, लखनऊ विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अपने और संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर एक व्यापक पहल की घोषणा की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विज्ञान, वाणिज्य, प्रबंधन, कला, मानविकी, सामाजिक विज्ञान, विधि, शिक्षा, इंजीनियरिंग, फार्मेसी, पत्रकारिता, ललित कला और अन्य व्यावसायिक विषयों के शिक्षकों को शिक्षण, अनुसंधान, नवाचार और शैक्षणिक प्रशासन में AI को प्रभावी ढंग से एकीकृत करने के लिए सक्षम बनाना है।
प्रशिक्षण का विषय और प्रमुख कार्यक्रम:
प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम “एआई-सक्षम उच्च शिक्षा: शिक्षण, अनुसंधान, नवाचार और शैक्षणिक प्रशासन के लिए शिक्षकों को सशक्त बनाना” विषय के तहत आयोजित किए जाएंगे। ये कार्यक्रम शुरुआत से लेकर उन्नत स्तर तक के सभी शिक्षकों के लिए संरचित शिक्षण अवसर प्रदान करेंगे। पूरे सत्र के दौरान निम्नलिखित कार्यक्रम होंगे:
- एक सप्ताह के संकाय विकास कार्यक्रम (FDP)
- 5-दिवसीय अल्पकालिक पाठ्यक्रम (Short-term Courses)
- 1 व 2-दिवसीय व्यावहारिक कार्यशालाएं और AI बूट कैंप
- मास्टर ट्रेनर और उन्नत प्रमाणन कार्यक्रम
उभरती प्रौद्योगिकियों और आधुनिक AI टूल्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण:
शिक्षकों को Machine Learning, Generative AI, Prompt Engineering, Digital Content Creation, AI-assisted Research, Learning Analytics, ChatGPT, Google Gemini, Microsoft Copilot, Claude, Perplexity AI, NotebookLM, Canva AI, Gamma AI, Napkin AI, Research Rabbit, Elicit, Consensus, और Connected Papers जैसे आधुनिक टूल्स पर अनुभवात्मक और व्यावहारिक प्रशिक्षण (Hands-on Training) दिया जाएगा।
संरचित प्रमाणन मार्ग (Certification Pathways):
शिक्षकों के कौशल विकास के लिए चार प्रमुख स्तरों पर प्रमाणन प्रदान किया जाएगा:
* प्रमाणित AI जागरूक शिक्षक (Certified AI Aware Teacher)
* प्रमाणित AI सक्षम शिक्षक (Certified AI Enabled Teacher)
* प्रमाणित AI शोधकर्ता (Certified AI Researcher)
* प्रमाणित AI मास्टर प्रशिक्षक (Certified AI Master Trainer)
इन प्रमाणन मार्गों से प्रशिक्षित शिक्षकों का एक समूह तैयार होगा जो अपने-अपने संस्थानों में AI-सक्षम शिक्षण और अनुसंधान का नेतृत्व करने में सक्षम होगा। प्रत्येक शिक्षक AI-एकीकृत पाठ योजनाएं, डिजिटल शिक्षण संसाधन, मूल्यांकन मानदंड, अनुसंधान प्रस्ताव और शिक्षण पोर्टफोलियो विकसित करेगा। इन सभी प्रयासों को संस्थागत रूप देने के लिए विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विज्ञान विभाग के अंतर्गत ‘उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता केंद्र’ (Centre for Artificial Intelligence in Higher Education – CAIHE) की स्थापना की जाएगी। यह केंद्र AI प्रशिक्षण कार्यक्रमों का समन्वय करेगा और समर्थ LMS पर AI-सक्षम ऑनलाइन पाठ्यक्रमों का विकास करेगा। कुलपति प्रोफेसर जे. पी. सैनी ने कहा कि “कृत्रिम बुद्धिमत्ता ज्ञान और व्यावसायिक अभ्यास के हर क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही है। यह अनिवार्य है कि हमारे शिक्षकों को नवीनतम AI दक्षताओं से सुसज्जित किया जाए ताकि शिक्षण को समृद्ध बनाया जा सके, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा सके और छात्रों को तेजी से विकसित हो रही डिजिटल दुनिया के लिए तैयार किया जा सके। लखनऊ विश्वविद्यालय का उद्देश्य एक ऐसा AI-सक्षम शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है जो उच्च शिक्षा में नवाचार और उत्कृष्टता को बढ़ावा दे।”
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