Breaking News

गाजीपुर के गांव-गांव तक लोकप्रिय हो गया है डीएम का जनता दरबार, चट्टी-चौराहो पर खुब हो रहा है चर्चा

शिवकुमार

गाजीपुर। डीएम जनता दरबार की लोकप्रियता जिले के गांव-गांव तक पहुंच गयी है। जनता दरबार के तत्‍काल समस्‍या के निस्‍तारण की खबर से प्रभावित होकर आज प्रतिदिन सैकड़ो की संख्‍या में दूर-दराज गांवों से आकर राइफल क्‍लब के प्रांगण में रात से ही टोकन पाने के लिए फरियादी लाइन लगा रहें है। डीएम अनुपम शुक्‍ल ने कार्यभार ग्रहण करते ही जनता दरबार में फरियादियो की समस्‍याओ को सुनने और उसे तत्‍काल समाधान करने का जो सिलसिला शुरू किया उस सिलसिले ने डीएम के कार्यप्रणाली की लोकप्रियता जिले के जन-जन तक पहुंचा दी है। फरियादियो का कहना है कि वर्षो से जमीन की पैमाइश कराने, दबंगो द्वारा जबरदस्‍ती चकरोड व जमीन पर कब्‍जा करने के समस्‍या को लेकर एसडीएम, थाने और तहसील दिवस का चक्‍कर लगा रहें थे लेकिन राजस्‍व और पुलिसकर्मियो के काकस में मिलकर हम दम तोड़ दिये थे लेकिन डीएम साहब का जनता दरबार अंधेरे में चिराग की तरह दिखाई दिया और हमें न्‍याय मिला। डीएम के जनता दरबार की प्रशंसा सभी राजनैतिक दलो ने की है। भाजपा के जिलाध्‍यक्ष ओमप्रकाश राय ने पूर्वांचल न्‍यूज डॉट काम को बताया कि डीएम गाजीपुर का जनता दरबार ऐतिहासिक है। कई दशको बाद जिले को ऐसा डीएम मिला जो तत्‍काल समस्‍याओ का समाधान करने में सक्षम है। जनता दरबार से हजारो लोगो को न्‍याय मिला है। बसपा के पूर्व जिलाध्‍यक्ष रामप्रकाश गुड्डू ने पूर्वांचल न्‍यूज डॉट काम को बताया कि वर्षो बाद जिले में अनुपम शुक्‍ल जैसा डीएम आया है जिन्‍होने गरीबो को न्‍याय दिलाया है, नही तो गरीब अपनी अर्जी लेकर दर-बदर वर्षो तक भटकता रहता था, मैं उनके इस कार्य की प्रशंसा करता हूं। समाजवादी पार्टी के जिलाध्‍यक्ष गोपाल यादव ने पूर्वांचल न्‍यूज डॉट काम को बताया कि डीएम के जनता दरबार में रात से ही भीड़ लग रही है लेकिन बहुत से फरियादियो को अपनी बात कहने का मौका नही मिल रहा है जिसके चलते वह बहुत निराश है, हमारी जिलाधिकारी से अपील है कि कोई ऐसी व्‍यवस्‍था करें जिससे जनता दरबार में आये सभी फरियादियो के समस्‍याओ को सुनी जाये और उन्‍हे न्‍याय दिलाया जाये।

 

 

 

Image 1 Image 2

Check Also

कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में खण्ड शिक्षा अधिकारियों ने किया निरीक्षण, छात्राओं के साथ किया सहभोज

गाजीपुर। जनपद में संचालित कुल 14 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की शैक्षिक एवं व्यवस्थागत …