लखनऊ। युवाओं को तकनीकी हुनर से जोड़कर उन्हें रोजगार के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल प्रदान करने की दिशा में मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने महत्वपूर्ण पहल की है। विश्वविद्यालय में कौशल विकास जागरूकता अभियान के तहत मशीनिस्ट ट्रेड में दो सप्ताह का निःशुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम 17 सितंबर 2026 से आरम्भ होगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से इच्छुक अभ्यर्थियों को मशीनिस्ट ट्रेड से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले चरण में 20 अभ्यर्थियों को मशीनिस्ट ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए ऐसे इच्छुक व्यक्तियों का चयन किया जाएगा, जिन्हें संबंधित ट्रेड की थोड़ी प्राथमिक जानकारी हो। इस पहल का उद्देश्य तकनीकी क्षेत्र में रुचि रखने वाले युवाओं को व्यावहारिक कौशल से जोड़ना तथा उन्हें तकनीकी कार्यों के लिए आवश्यक दक्षता विकसित करने का अवसर उपलब्ध कराना है। एमएमएमयूटी की केंद्रीय कार्यशाला में कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यशाला पहले भी आयोजित की जा चुकी है। इसके अंतर्गत 15 प्रशिक्षुओं के साथ कारपेंट्री ट्रेड में एक सप्ताह के प्रशिक्षण की शुरुआत की गई थी। कारपेंट्री प्रशिक्षण के बाद अब मशीनिस्ट ट्रेड में दो सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल का विकास युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से विश्वविद्यालय अपनी कार्यशालाओं और उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का उपयोग कौशल विकास प्रशिक्षण के लिए कर रहा है। मशीनिस्ट ट्रेड का प्रशिक्षण भी इसी क्रम का हिस्सा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम की एक प्रमुख विशेषता यह है कि अभ्यर्थियों को इसके लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा। इससे तकनीकी कौशल सीखने के इच्छुक लोगों को बिना आर्थिक बोझ के प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। विश्वविद्यालय की योजना केवल मशीनिस्ट और कारपेंट्री तक सीमित नहीं है। कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से तकनीकी क्षेत्र की अन्य विधाओं तक विस्तारित किया जाएगा। मशीनिस्ट ट्रेड के बाद फिटर, ब्लैकस्मिथ, वेल्डिंग और ढलाई आदि ट्रेडों में भी प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इस प्रकार विश्वविद्यालय की ओर से विभिन्न तकनीकी ट्रेडों में प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है, जिससे अलग-अलग तकनीकी क्षेत्रों में रुचि रखने वाले इच्छुक अभ्यर्थियों को अपनी रुचि और योग्यता के अनुरूप कौशल विकसित करने का अवसर मिल सकेगा। योजना के क्रियान्वयन प्रभारी एवं विश्वविद्यालय के कार्यशाला अधीक्षक अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के तहत तकनीकी क्षेत्र की विभिन्न विधाओं में कौशल विकास प्रशिक्षण देने की दिशा में कार्य कर रहा है। विश्वविद्यालय की कार्यशालाओं में विद्यार्थियों को प्रायोगिक प्रशिक्षण देने वाले अनुभवी कर्मचारी इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी प्रशिक्षक की भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए संबंधित विभागों का सहयोग लिया जाएगा। इससे प्रशिक्षुओं को संबंधित ट्रेड के व्यावहारिक पक्ष को समझने और तकनीकी कार्यों से परिचित होने का अवसर मिलेगा। मशीनिस्ट ट्रेड के प्रशिक्षण के लिए आवेदन करने वाले इच्छुक अभ्यर्थियों में से चयन प्रक्रिया के माध्यम से 20 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। चयन में ऐसे अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्हें संबंधित विषय की प्राथमिक जानकारी हो। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के दौरान संबंधित तकनीकी ट्रेड की व्यावहारिक जानकारी और आवश्यक कौशल प्रदान किया जा सके। विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो अनुपमा कौशिक शर्मा ने कहा कि ” मशीनिस्ट ट्रेड में प्रशिक्षण के बाद अन्य तकनीकी ट्रेडों में भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। इससे कौशल विकास अभियान का दायरा विस्तृत होगा और अधिक लोगों को तकनीकी प्रशिक्षण से जोड़ने का अवसर मिलेगा। यह पहल विश्वविद्यालय की सामाजिक जिम्मेदारी और कौशल विकास के प्रति प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि तकनीकी शिक्षा और उपलब्ध संसाधनों का लाभ केवल नियमित विद्यार्थियों तक सीमित न रहे, बल्कि इच्छुक लोगों को भी विभिन्न तकनीकी विधाओं में व्यावहारिक कौशल सीखने का अवसर मिले।”
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