लखनऊ। डिजिटल शिक्षा और उच्चस्तरीय अनुसंधान को बढ़ावा देने की दिशा में लखनऊ विश्वविद्यालय ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा प्री-पीएच.डी. कोर्स वर्क (Pre-Ph.D. Course Work) कर रहे शोधार्थियों के लिए अपना पहला पूर्णतः इन-हाउस विकसित मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स (MOOC) लॉन्च किया जा रहा है। इस नवाचारी पाठ्यक्रम का शीर्षक “Ethics First: Excellence in Research and Responsible Publishing” रखा गया है। यह 8 सप्ताह की अवधि, 16 मॉड्यूल और 2 क्रेडिट का एक समग्र ऑनलाइन कोर्स है, जिसे विशेष रूप से शोधार्थियों में शोध सत्यनिष्ठा (Integrity), अकादमिक ईमानदारी, साहित्यिक चोरी की रोकथाम, प्रकाशन नैतिकता और अनुसंधान में आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उपकरणों के जिम्मेदार व नैतिक उपयोग की समझ विकसित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। भाषाई सुगमता को ध्यान में रखते हुए यह पाठ्यक्रम हिंदी एवं अंग्रेजी, दोनों माध्यमों में उपलब्ध कराया जाएगा। “शोध और नवाचार किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान की रीढ़ होते हैं। आज के डिजिटल और एआई-संचालित युग में अनुसंधान की गुणवत्ता के साथ-साथ उसकी मौलिकता, शुचिता और नैतिक मूल्य बनाए रखना सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्री-पीएच.डी. शोधार्थियों के लिए शुरू किया जा रहा यह पहला पूर्णतः विकसित MOOC युवा शोधकर्ताओं को शोध के प्रारंभिक चरण से ही अकादमिक सत्यनिष्ठा, गुणवत्ता और जिम्मेदारी के मूल्यों से जोड़ेगा। जब शोधार्थी शोध नैतिकता, साहित्यिक चोरी के नियमों और जिम्मेदार एआई उपयोग को व्यावहारिक रूप से समझेंगे, तभी वे वैश्विक मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्तायुक्त और समाजोपयोगी मौलिक अनुसंधान कर सकेंगे। लखनऊ विश्वविद्यालय का यह प्रयास न केवल शोध की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप डिजिटल शिक्षण संसाधनों के विस्तार में भी मील का पत्थर सिद्ध होगा।”
पाठ्यक्रम के मुख्य उद्देश्य एवं प्रमुख विशेषताएं:
- शोध सत्यनिष्ठा व अकादमिक ईमानदारी: शोधार्थियों को डेटा संग्रह, विश्लेषण और रिपोर्टिंग में उच्चतम नैतिक मानकों का पालन करने के लिए प्रशिक्षित करना।
- साहित्यिक चोरी (Plagiarism) की रोकथाम: अंतरराष्ट्रीय शोध दिशानिर्देशों के अनुरूप शोध पत्रों व थीसिस लेखन में अनजाने में होने वाली साहित्यिक चोरी से बचने के तकनीकी व व्यावहारिक उपाय सिखाना।
- AI टूल्स का जिम्मेदार उपयोग: आधुनिक शोध में उपयोग होने वाले कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) टूल्स के वैध, नैतिक और अनुशासित उपयोग की स्पष्ट समझ विकसित करना।
- उत्तरदायी प्रकाशन (Responsible Publishing): यूजीसी-केयर (UGC-CARE), स्कोपस (Scopus) और वेब ऑफ साइंस जैसे प्रतिष्ठित वैश्विक जर्नल्स में शोध प्रकाशन की प्रामाणिक प्रक्रिया और नैतिक दिशा-निर्देशों से अवगत कराना।
- द्विभाषी एवं सुलभ संरचना: पाठ्यक्रम सामग्री, वीडियो लेक्चर्स और क्विज हिंदी व अंग्रेजी दोनों माध्यमों में तैयार किए गए हैं ताकि शोधार्थी अपनी सहजता के अनुसार अध्ययन कर सकें।
डिजिटल शिक्षा का व्यापक विस्तार:
यह पहल लखनऊ विश्वविद्यालय में डिजिटल शिक्षा और ऑनलाइन अकादमिक संसाधनों के विस्तार की दिशा में एक युगांतकारी कदम है। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक भी अपने-अपने विषयों में गुणवत्तापूर्ण MOOCs विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहे हैं, जिन्हें आगामी चरणों में लगातार लॉन्च किया जाएगा। इससे विश्वविद्यालय में विषय विशेषज्ञों द्वारा विकसित गुणवत्तापूर्ण डिजिटल पाठ्यक्रमों की एक समृद्ध और व्यापक श्रृंखला तैयार होगी, जिससे परिसर व संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों और शोधार्थियों को उत्कृष्ट ऑनलाइन शैक्षणिक अवसर प्राप्त होंगे।
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