लखनऊ। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग और एनडीएलआई क्लब के संयुक्त तत्वावधान में 9 जून से 30 जून, 2025 तक चल रहे संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य (UN-SDGs) कार्यक्रम श्रृंखला के अंतर्गत एसडीजी-16: शांति, न्याय और मजबूत संस्थान विषय पर 27 जून को एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर इंजी. चंद्र प्रकाश प्रियार्दर्शी, कुलसचिव, एमएमएमयूटी ,डॉ. मिलिंद राज आनंद, सहायक प्रोफेसर, एचएसएसडी विभाग, एवं बतौर विशेषज्ञ वक्ता उपस्थित रहे। इंजी. प्रियार्दर्शी ने अपने उद्बोधन में कहा कि सतत विकास एक सामूहिक प्रयास है, जिसे न्याय की समान पहुंच, उत्तरदायी व समावेशी संस्थाओं के निर्माण तथा सभी स्तरों पर पारदर्शिता से ही प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने वैज्ञानिकों व बुद्धिजीवियों की क्षति को मानवता के लिए एक बड़ा नुकसान बताया तथा वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में संवाद की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं डॉ. मिलिंद ने विभिन्न व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से यह बताया कि कैसे हिंसा, भ्रष्टाचार और मानवाधिकारों का उल्लंघन एसडीजी-16 के लक्ष्यों को प्रभावित करता है। उन्होंने ऐसे समाज की कल्पना प्रस्तुत की जहाँ हर व्यक्ति भय और हिंसा से मुक्त होकर स्वतंत्रता से जीवन जी सके। कार्यक्रम के अंत में प्रो. सुधीर नारायण सिंह, विभागाध्यक्ष, एचएसएसडी, ने सारगर्भित समापन टिप्पणी प्रस्तुत की और आयोजन सचिव डॉ. अंजलि सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
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