गाजीपुर। नाबालिक के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर अपने ही घर में छिपाने के मामले में आरोपी को पाक्सो कोर्ट के न्यायाधीश रामअवतार प्रसाद ने मृत्यु दंड की सजा सुनाई है। जिले में चौदह वर्ष बाद न्यायालय ने किसी अपराधी को फांसी की सजा सुनाई है। इस संदर्भ में विशेष लोक अभियोजक प्रभुनारायण सिंह ने बताया कि गहमर थाने के एक गांव में 19 फरवरी 2024 संजय नट ने अपने पटीदार के बच्चे को अकेला पाकर उसके बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया और घर में अप्राकृतिक दुराचार कर उसका गला रस्सी से घोंटकर उसकी हत्या कर दी थी। नाबालिक के लाश को जूट के बोरे में भरकर बक्से में छीपा दिया था। जब मृतक के पिता घर आये तो उनका बेटा नही मिला। वह इधर-उधर खोजने लगे तो गांव के ही एक लड़की ने बताया कि संजय नट उसको लेकर जा रहा था। पिता ने इस घटना की रिपोर्ट गहमर थाने में दर्ज करायी। पुलिस ने लाश को बरामद कर संजय नट को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले की विवेचना कर चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत किया। इस मामले में कुछ आठ गवाहों ने कोर्ट में बयान दिया। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद विद्वान न्यायाधीश रामअवतार प्रसाद ने घटना को जघन्न अपराध की श्रेणी में मानते हुए आरोपी को मृत्यु दंड की सजा सुनाई।
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