गाजीपुर। माँ कवलपति हॉस्पिटल शास्त्रीनगर गाजीपुर की प्रबंध निदेशक डा. बीती सिंह ने चिकित्सक भगवान का रुप होता है इस कहावत को चरितार्थ करते हुए गर्भवती महिला और नवजात शिशु की जान बचाकर एक मिसाल प्रस्तुत किया है। पिछले दिनों रात के करीब ढाई बजे एक गर्भवती महिला गंभीर स्थिति में मां कवलपति हास्पिटल शास्त्रीनगर पहुंची। जिसका पूरा फ्लूड निकल चुका था और ब्लड ग्रुप भी B (-ve) होने के कारण स्थिति और भी नाजुक बन गयी। लेकिन डॉ. बीती सिंह ने अपनी साहस और अद्भुत कुशलता का परिचय देते हुए 3:16 बजे तक सफल नॉर्मल डिलीवरी कराई और माँ व बच्ची दोनों की जान बचाई। इस संदर्भ में डा. बीती सिंह ने पूर्वांचल न्यूज डाट काम को बताया कि बहुत ही जोखिम भरा निर्णय था। प्राइवेट हास्पिटल में ऐसे केसों में मरीज को वाराणसी के लिए रेफर कर देते हैं। लेकिन हमने ईश्वर पर भरोसा करके इसकी नार्मल डिलीवरी करायी। चूकि हमारे यहां बेटी होने पर कोई शुल्क नही लिया जाता है इसलिए यह पूरा इलाज नि:शुल्क किया गया। उत्सव मनाकर उसकी विदाई की गयी।
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