वाराणसी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में वर्ष 2026 का केंद्रीय बजट पेश किया। इस बजट में जहां ‘विकसित भारत’ की तस्वीर पेश की गई, वहीं प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लिए भी खजाना खोल दिया गया है। वित्त मंत्री ने अपने पिटारे से काशी को इंफ्रास्ट्रक्चर, जल परिवहन और शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़ी सौगातें दी हैं, जिससे शहर के विकास को नई रफ्तार मिलेगी। वाराणसी और पटना में जहाज मरम्मत सुविधा स्थापित होगी। समुद्री विमान वीजीएफ योजना की शुरुआत होगी। इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देते हुए वित्त मंत्री ने देश के चुनिंदा 5 शहरों में 7 ‘हाई स्पीड ग्रीन कॉरिडोर’ बनाने की घोषणा की है, जिसमें वाराणसी का नाम प्रमुखता से शामिल है। इस कॉरिडोर के बनने से शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिलेगी और कनेक्टिविटी सुगम होगी। ग्रीन कॉरिडोर पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देगा, जो स्मार्ट सिटी वाराणसी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। अंतर्देशीय जल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए बजट में बड़ी घोषणा की गई है। गंगा नदी में चलने वाले जहाजों और क्रूज के रखरखाव के लिए अब दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना होगा। वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि वाराणसी और पटना में आधुनिक ‘जहाज मरम्मत केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे। इससे न केवल पर्यटन और माल ढुलाई को बल मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी वाराणसी को विशेष तोहफा मिला है। जिले में एक नए गर्ल्स हॉस्टल के निर्माण की घोषणा की गई है, जिससे बाहर से आकर पढ़ने वाली छात्राओं को सुरक्षित और सुगम आवास मिल सकेगा। इसके साथ ही, युवाओं के कौशल विकास के लिए नए ‘ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट’ खोले जाएंगे। ये संस्थान युवाओं को आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार के लिए तैयार करेंगे। बजट में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर विशेष जोर दिया गया है। नियमों के सरलीकरण से वाराणसी के बुनकरों, हस्तशिल्पियों और छोटे व्यापारियों को अपना व्यापार बढ़ाने में मदद मिलेगी। वाराणसी से सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण होगा।
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