गाजीपुर। सैदपुर ब्लाक के बभनौली स्थित बाबा बिछुड़ननाथ महादेव धाम में आचार्य सोमेश परसाई ने वैदिक मंत्रोच्चारण संग दूसरे दिन सवा करोड़ शिवलिंग पर भक्तों से जलाभिषेक कराया। आचार्य ने कहा कि भगवान के भक्त यदि अभिमानी हो जाएं तो भगवान स्वयं उनका अभिमान समाप्त कर देते हैं। किसी भी कार्य को सफल बनाने के लिए सत्य, संकल्प और सिद्धि की आवश्यकता होती है। भगवान शिव को अभिषेक, भगवान विष्णु को कीर्तन, देवी को अर्चन, सूर्य को अर्घ्य और गणेश जी को तर्पण अत्यंत प्रिय है। धनप्राप्ति के लिए गणेश भगवान को पंचामृत से तर्पण किया करें। साध्वी लक्ष्मीमणि शास्त्री व नीलमणि शास्त्री के सान्निध्य में अग्नि पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर ब्रम्हर्षि रामकृष्णानंद जी ने सत्संग करते हुए कहा कि कलियुग में सिर्फ भजन मात्र से कल्याण हो जाता है। समर्पण भाव से शिवाराधना करने वाला कभी निराश हताश नही होता है। सच्चे गुरु के सानिध्य में व्यक्ति को जीवन के हर क्षेत्र विकास संभव हो जाता है। जब जब देश समाज को साधु संतों की आवश्यकता होती है तब तब स्वतंत्रता संग्राम से लेकर सामाजिक सुधार में भी अग्रणी भूमिका निभाते रहे है। धर्म की रक्षा करना साधु संतों संग हर सनातनी का भी प्रथम कर्तव्य है। हजारों की संख्या में स्त्री पुरुष शिवभक्तों ने भक्ति भाव से रुद्री का निर्माण किया। इसके बाद भगवान शिव का रुद्राभिषेक हुआ। अंत में भगवान की दिव्य भस्म आरती व महाआरती हुई।
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