गाजीपुर। पीजी कॉलेज, गाजीपुर के मुख्य प्रशासनिक भवन के प्रांगण में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरबहादुर सिंह जी का जन्मदिवस अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कॉलेज के प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रो. राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने स्व. वीरबहादुर सिंह के जीवन और उनके महान विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्व. सिंह न केवल एक कुशल राजनीतिज्ञ थे, बल्कि शिक्षा और विकास के प्रति उनकी दूरगामी सोच अतुलनीय थी। प्राचार्य ने उनके द्वारा स्थापित उच्च आदर्शों को आत्मसात करने और उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया, ताकि समाज और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।पूर्वांचल की शिक्षा के आधार स्तंभकार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने याद किया कि पूर्वांचल की उच्च शिक्षा को नई दिशा देने में वीरबहादुर सिंह जी का योगदान अविस्मरणीय है। उनके सम्मान में ही जौनपुर विश्वविद्यालय का नामकरण ‘वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय’ किया गया है, जो आज भी लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को संवार रहा है। उनके कार्यकाल के दौरान क्षेत्र के बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक सुधारों को एक नई गति मिली थी।पुष्पांजलि के दौरान महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापकों ने स्व. मुख्यमंत्री की फोटो पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस गरिमामयी अवसर पर प्रो. संजय चतुर्वेदी, प्रो. अवधेश कुमार सिंह, डॉ. श्रवण शुक्ल, डॉ. अनिल कुमार पाण्डेय और डॉ. इंदिवररत्न पाठक सहित कई अन्य शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में उनके व्यक्तित्व को प्रेरणादायक बताया और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को अक्षुण्ण रखने का संकल्प लिया।प्रशासनिक भवन के सम्मुख आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों और स्टाफ के बीच स्व. वीरबहादुर सिंह की विरासत और उनके विकासपरक दृष्टिकोण की यादें ताजा कर दीं।
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