Breaking News

एमएलसी चंचल सिंह को समाजसेवी उमेश श्रीवास्‍तव ने गाजीपुर में विद्युत शवदाह गृह के लिए सौंपा पत्रक

गाजीपुर। समाजसेवी उमेश श्रीवास्‍तव ने एमएलसी विशाल सिंह चंचल से जिले में विद्युत शव दाह गृह निर्माण के लिए पत्रक सौंपा। उमेश श्रीवास्‍तव ने बताया कि गाजीपुर एक बड़ा, घनी आबादी वाला एवं ग्रामीण बहुल जनपद है, जहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिकों का देहांत होता है तथा अंत्येष्टि संस्कार किए जाते हैं। यह अत्यंत चिंताजनक एवं दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य है कि इतने बड़े जनपद गाजीपुर में वर्तमान समय में एक भी विद्युत शवदाह गृह स्थापित नहीं है। इसके अभाव में समस्त अंत्येष्टि कार्य पारंपरिक लकड़ी आधारित चिताओं पर ही किया जा रहा है, जिससे—1. प्रतिदिन हजारों टन लकड़ी जलाई जाती है, 2. वनों की निरंतर कटाई हो रही है ।3. वायु प्रदूषण एवं कार्बन उत्सर्जन बढ़ रहा है।4. पर्यावरण का गंभीर असंतुलन उत्पन्न हो रहा है।लकड़ी से शवदाह करने में अत्यधिक आर्थिक व्यय भी आता है। एक शवदाह संस्कार में हजारों रुपये की लकड़ी लगती है,जिसे वहन करना गरीब,मजदूर, किसान एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए अत्यंत पीड़ादायक हो जाता है। शोक की घड़ी में यह आर्थिक बोझ आम नागरिक को मानसिक,सामाजिक एवं आर्थिक रूप से तोड़ देता है। इसके अतिरिक्त,गाजीपुर जनपद के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी परंपरागत रूप से शव को नदी या जलस्रोत में प्रवाहित करने की प्रथा प्रचलित है। यह परंपरा सामाजिक-सांस्कृतिक मान्यताओं से जुड़ी अवश्य है, किंतु पर्यावरण हित एवं सामाजिक आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए इस विषय को शासन स्तर पर संज्ञान में लेते हुए आवश्यक संस्तुति एवं प्रभावी कार्यवाही कराने की कृपा करें,जिससे गाजीपुर जनपद में शीघ्र विद्युत शवदाह गृह की स्थापना सुनिश्चित हो सके। आपका यह प्रयास न केवल जनता को सुविधा प्रदान करेगा,बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम सिद्ध होगा।

Image 1 Image 2

Check Also

गाजीपुर: एमजेआरपी पब्लिक स्कूल, जगदीशपुरम में विश्व पर्यावरण दिवस पर हुआ वृक्षारोपण

गाजीपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर आज गाजीपुर के जगदीशपुरम स्थित  एमजेआरपी पब्लिक …