लखनऊ:लखनऊ विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता प्रतिस्पर्धा, नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक युगांतकारी निर्णय लेते हुए ‘एनआईआरएफ रैंकिंग-लिंक्ड एकेडमिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्कीम’ (NIRF Ranking-Linked Academic Centre of Excellence Scheme) शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया है| इस अभिनव योजना का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय के विभागों, संकायों, संस्थानों और संबद्ध महाविद्यालयों द्वारा राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) रैंकिंग में अर्जित उत्कृष्टता को मान्यता देते हुए उन्हें विषय-विशिष्ट अकादमिक फ्लेक्सिबिलिटी प्रदान करना है|यह योजना इस मूल सिद्धांत पर आधारित है कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित उत्कृष्टता को अधिक संस्थागत विश्वास और अकादमिक नवाचार की स्वतंत्रता से पुरस्कृत किया जाना चाहिए|पात्रता मानदंड: कोई भी संकाय, विभाग, संस्थान या उच्च शिक्षण संस्थान/संबद्ध महाविद्यालय जिसने एनआईआरएफ की संबंधित रैंकिंग सूची में स्थान प्राप्त किया हो अथवा एनआईआरएफ द्वारा प्रकाशित मान्यता प्राप्त रैंकिंग बैंड (Ranking Band) में जगह बनाई हो, वह ‘एकेडमिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में मान्यता प्राप्त करने का पात्र होगा।समीक्षा व वैधता: यह फ्लेक्सिबिलिटी स्वतः या स्थायी नहीं होगी, बल्कि यह प्रदर्शन-आधारित, विषय-विशिष्ट और समयबद्ध समीक्षा के अधीन होगी। यदि कोई संस्थान आगामी एनआईआरएफ रैंकिंग चक्रों में पात्रता बनाए रखने में असफल रहता है, तो यह मान्यता वापस ली जा सकेगी|
पाठ्यक्रम एवं परीक्षा संबंधी व्यापक फ्लेक्सिबिलिटी (Flexibility Framework):
‘एकेडमिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में मान्यता प्राप्त संस्थानों को अपने विशिष्ट उत्कृष्टता क्षेत्र में अभूतपूर्व फ्लेक्सिबिलिटी प्राप्त होगी
- पाठ्यक्रम संबंधी फ्लेक्सिबिलिटी (Curricular Flexibility): ये केंद्र विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम में 70 प्रतिशत तक संशोधन करने, नए अंतःविषयक कार्यक्रम विकसित करने, अन्य अग्रणी संस्थानों के साथ संयुक्त कार्यक्रम संचालित करने तथा उभरते व प्रयोगात्मक विशिष्ट पीजी एवं डॉक्टोरल कार्यक्रम तैयार करने के लिए स्वतंत्र होंगे।
- परीक्षा एवं मूल्यांकन फ्लेक्सिबिलिटी (Examination Flexibility): पारंपरिक परीक्षाओं से आगे बढ़कर ये केंद्र अपना अनूठा मूल्यांकन ढांचा तैयार कर सकेंगे| इसमें ओपन-बुक परीक्षा, केस-आधारित मूल्यांकन, कैपस्टोन प्रोजेक्ट, उद्योग-संबद्ध मूल्यांकन, सतत आंतरिक मूल्यांकन और प्रायोगिक कौशल-आधारित परीक्षण शामिल होंगे|इसके अलावा वे बाहरी विषय विशेषज्ञों को परीक्षक के रूप में आमंत्रित करने और अपने प्रश्न बैंक तैयार करने में भी सक्षम होंगे।कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी ने पूर्वांचल न्यूज डॉट काम को बताया कि “राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षण, अनुसंधान और समग्र प्रदर्शन का सबसे प्रामाणिक राष्ट्रीय पैमाना है। लखनऊ विश्वविद्यालय का यह दृढ़ विश्वास है कि जो कॉलेज और विभाग अपनी गुणवत्ता, शोध संस्कृति और छात्र परिणामों के दम पर राष्ट्रीय पहचान बनाते हैं, उन्हें प्रशासनिक बंधनों से मुक्त कर अकादमिक नवाचार की वास्तविक स्वतंत्रता मिलनी चाहिए| एनआईआरएफ रैंकिंग-लिंक्ड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस योजना हमारे संबद्ध कॉलेजों और विभागों में एक स्वस्थ और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का निर्माण करेगी। 70 प्रतिशत तक पाठ्यक्रम संशोधन और आधुनिक परीक्षा मूल्यांकन की यह फ्लेक्सिबिलिटी हमारे विद्यार्थियों को वैश्विक उद्योग की समकालीन आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करेगी। यह कदम विश्वविद्यालय को पारंपरिक एकरूपता से आगे बढ़ाकर प्रदर्शन-आधारित विभेदित उत्कृष्टता के नए युग में ले जाएगा”प्रत्येक उत्कृष्टता केंद्र में एक ‘अकादमिक सलाहकार एवं निगरानी समिति’ (Academic Advisory and Monitoring Committee) का गठन किया जाएगा, जिसमें संस्थान प्रमुख, शिक्षक, बाहरी विषय विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि, प्रख्यात पूर्व छात्र और कुलपति द्वारा नामित दो विशेषज्ञ सदस्य शामिल होंगे| इसके साथ ही न्यूनतम शैक्षणिक मानक, डिग्री की अनिवार्यता, क्रेडिट ढांचा, छात्र प्रवेश नियम और परीक्षा की शुचिता का पूर्ण नियंत्रण विश्वविद्यालय प्रशासन के पास यथावत सुरक्षित रहेगा|
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