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मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की विद्या परिषद् की 38वीं बैठक में लिये गये ऐतिहासिक निर्णय

लखनऊ। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की विद्या परिषद् की 38वीं बैठक दिनांक: 03 जून 2025 को कुलपति प्रो जे पी सैनी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक की कार्यसूची कुलसचिव डॉ जय प्रकाश ने प्रस्तुत की। बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनका सारांश निम्नवत है:-

 

  1. नई शिक्षा नीति के अंतर्गत बी टेक ऑर्डिनेंस में माइनर डिग्री कोर्स के प्राविधानों के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा संचालित किए जाने वाले माइनर डिग्री कोर्स के सिलेबस को मंजूरी मिली। मैकेनिकल इंजीनियरिंग द्वारा रोबोटिक्स एवं ऑटोमेशन, एनर्जी एंड एनवायरनमेंट, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, कंप्यूटेशनल इंजीनियरिंग; सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा जियो टेक्निकल इंजीनियरिंग, एवं जियो स्पेशियल इंजीनियरिंग; इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग द्वारा इंडस्ट्रियल ऑप्टिमाइजेशन, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन एंड रोबोटिक्स; इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग द्वारा ड्रोन टेक्नोलॉजी, आई ओ टी एंड ऑटोमेशन, स्पेस टेक्नोलॉजी; केमिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा फूड प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी, मैटेरियल इंजीनियरिंग; इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी विभाग द्वारा साइबर सिक्योरिटी एंड फॉरेंसिक, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एंड डेटा साइंस, कंप्यूटर साइंस विभाग द्वारा कंप्यूटर ग्राफिक्स एवं वर्चुअल रियलिटी, ब्लॉकचेन एवं क्रिप्टोग्राफ़ी आदि प्रस्तावित माइनर डिग्री कोर्स चलाए जाने को विद्या परिषद् ने मंजूरी दी।
  2. विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ मेडिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी की स्थापना तथा इसके अंतर्गत 100 सीटों का एम बी बी एस पाठ्यक्रम सत्र 2026-2027 से शुरू करने एवं बी डी एस, बी एस सी नर्सिंग, और बी बी ए इन हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन आदि पाठ्यक्रम भी चलाए जाने को मंजूरी। इसके लिए नियामक संस्था को आवेदन कर निर्धारित मानक पूरे करने का निर्देश।
  3. विश्वविद्यालय में शैक्षिक अध्ययन विभाग की स्थापना एवं इसके अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2025-26 से चार वर्षीय एकीकृत अध्यापक शिक्षा कार्यक्रम (ITEP) के संचालन की अनुमति। विद्या परिषद् ने चार वर्षीय पाठ्यक्रम के क्रेडिट स्ट्रक्चर को मंजूरी दी। इस शैक्षणिक सत्र से 100 सीटों पर प्रवेश की तैयारी। प्रवेश एन सी टी ई द्वारा आयोजित राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा के माध्यम से।
  4. विश्वविद्यालय के छात्र छात्राओं को भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा से परिचित कराकर उन्हें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा से जोड़ने हेतु भारतीय जान प्रणाली अध्ययन विभाग की स्थापना को मंजूरी।
  5. खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं औषधियों की गुणवत्ता की जांच हेतु सेंटर फॉर फूड एंड ड्रग टेक्नोलॉजी की स्थापना को मंजूरी। यह केंद्र केमिकल इंजीनियरिंग विभाग एवं फार्मेसी विभाग के अंतर्गत कार्य करेगा एवं खाद्य पदार्थों एवं औषधियों की गुणवत्ता की जांच की दिशा में महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित किया जाएगा।
  6. इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग में सत्र 2025-26 से एम टेक इन इंटेलिजेंट एवियनिक्स एंड स्पेस रोबोटिक्स नामक नया पाठ्यक्रम आरम्भ करने की मंजूरी। 18 सीटों पर होगा प्रवेश।
  7. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के अनुरूप बी फार्म पाठ्यक्रम के नवीन अध्यादेश को मंजूरी मिली। अभी तक के अध्यादेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कई प्रावधान समाहित नहीं थे।
  8. स्नातक पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों की भांति परास्नातक छात्रों को भी रेमेडियल/ मेकअप क्लासेज की मंजूरी। किसी विषय में फेल हो जाने अथवा परीक्षा में किसी कारण से सम्मिलित नहीं हो पाने पर स्नातक के छात्रों रेमेडियल/मेकअप क्लास की व्यवस्था थी। उक्त व्यवस्था अब परास्नातक के छात्रों पर भी लागू।
  9. स्नातक पाठ्यक्रमों की शुल्क संरचना में परिवर्तन। फीस में कोई वृद्धि नहीं। परन्तु शुल्क के विभिन्न मदो को पुनर्गठित किए जाने को मंजूरी
  10. शैक्षणिक सत्र 2025-26 के एकेडमिक कैलेंडर को मंजूरी।
  11. विभिन्न विभागों की शैक्षणिक प्रगति आख्या का अवलोकन।
  12. पी एच डी छात्रों की फेलोशिप में वृद्धि किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी।
  13. शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए रेगुलेशन फॉर रिसर्च एंड डेवलेपमेंट नीति को मंजूरी।
  14. एम टेक पाठ्यक्रम की फीस कम किए जाने को मंजूरी। अब एम टेक छात्रों को मात्र रु. 19,750/- प्रति सेमेस्टर फीस देनी होगी। साथ ही एम एस सी के छात्रों की फीस भी एम टेक छात्रों के बराबर किए जाने की अनुमति प्रदान की।
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