लखनऊ। मदन मोहन मालवीय यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी गोरखपुर में संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य SDG 9 (उद्योग, नवाचार और अवसंरचना) तथा SDG 10 (असमानता में कमी) पर एक शैक्षिक सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में प्रो. जीऊत सिंह (यांत्रिक विभाग एमएमयूटी ) ने बताया कि SDGs कुल 17 आपस में जुड़े हुए लक्ष्य हैं, जिनका उद्देश्य वर्ष 2030 तक दुनिया को सतत, सुरक्षित और समृद्ध बनाना है। ये लक्ष्य गरीबी, भूख, असमानता और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों का समाधान करते हुए शांति, न्याय और साझेदारी को भी बढ़ावा देते हैं। उन्होंने रेलवे, विमानन, स्वच्छ और हरित ऊर्जा, राख नियंत्रण (Ash Control), ग्रीन बिल्डिंग और Moser Baer जैसी कंपनियों के उदाहरण देते हुए अनेक केस स्टडीज विस्तार से प्रस्तुत कीं। प्रो. सिंह ने बताया कि ये पहलें पर्यावरण सुरक्षा, संसाधनों की बचत और दीर्घकालिक टिकाऊ विकास को संभव बनाती हैं। डॉ. विकास सिंह (सहकारी पीजी कॉलेज, जौनपुर) ने SDG 9 के आर्थिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि औद्योगीकरण, नवाचार और बेहतर अवसंरचना से उत्पादन क्षमता में वृद्धि होती है और नए रोजगार के अवसर उत्पन्न होते हैं, जिससे राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। डॉ. प्रतिक्षा मिश्रा (सहायक प्रोफेसर, प्रबंधन अध्ययन विभाग, बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ) ने SDG 10 के सामाजिक और आर्थिक महत्व पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि समाज में आय और अवसर की असमानताओं को कम करना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए समावेशी नीतियाँ और समान अवसर प्रदान करना जरूरी है, जिससे हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। सेमिनार में छात्रों ने उत्साहपूर्वक सवाल पूछे और विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी वक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। अंत में डॉ सुधीर नारायण सिंह विशेषज्ञों का भेट पूर्वक धन्यवाद किया।

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