गाजीपुर। सत्यदेव इंटरनेशनल स्कूल सागापाली बाराचंवर के भव्य प्रांगण में आज दिनांक 2 अक्टूबर 2025 को महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ सत्यदेव ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के मुख्य प्रबंध निदेशक डॉ. आनंद सिंह जी द्वारा महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित करने से हुआ। तत्पश्चात सत्यदेव इंटरनेशनल स्कूल, सागापाली की मैनेजर श्रीमती सुमन सिंह एवं प्रिंसिपल ए. एन. उपाध्याय जी ने भी पुष्पांजलि अर्पित की। इसके उपरांत झंडारोहण का कार्यक्रम संपन्न हुआ। अपने प्रेरक उद्बोधन में डॉ. आनंद सिंह जी ने कहा कि महात्मा गांधी जी ने यह संदेश दिया कि केवल लक्ष्य ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि साधन की शुचिता भी आवश्यक है। साधारण मनुष्य होते हुए भी उन्होंने महावीर के ‘जियो और जीने दो’ तथा महात्मा बुद्ध की करुणा को 20वीं शताब्दी में चरितार्थ किया। अतः मजबूरी का नाम महात्मा गांधी नहीं, बल्कि मजबूती का नाम महात्मा गांधी है।” शास्त्री जी को स्मरण करते हुए उन्होंने कहा— “जय जवान, जय किसान” का नारा आज के परिदृश्य में भी उतना ही प्रासंगिक है, क्योंकि यह सीमा पर खड़े जवान और खेत में मेहनतकश किसान की महत्ता को रेखांकित करता है। अंत में उन्होंने सभी को दशहरे की शुभकामनाएं भी दीं। इसके बाद मैनेजर सुमन सिंह ने कहा कि गांधी जी ने जीवनपर्यंत दलितों को ‘हरिजन’ नाम से जोड़कर अस्पृश्यता जैसे सामाजिक अभिशाप को मिटाने का प्रयास किया। वहीं लाल बहादुर शास्त्री जी को उन्होंने एक महान प्रधानमंत्री और सच्चे जननेता के रूप में याद किया।” उन्होंने भी सभी को दशहरे की मंगलकामनाएं दीं। कार्यक्रम के समापन पर प्रिंसिपल ए. एन. उपाध्याय जी ने कहा—“महात्मा गांधी सत्य और अहिंसा के पुजारी थे । उन्होंने अंग्रेजों से आजादी दिलाया ही साथ ही भारत के गांवों, किसानों, गरीबों और शोषित वर्गों के उत्थान के लिए अथक प्रयास किए और उनके योगदान को हम कभी भुला नहीं सकते।” इस आयोजन में राम मनोहर लोहिया डिग्री कॉलेज के निदेशक श्री प्रमोद कुमार सिंह जी की भी विशेष उपस्थिति रही। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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