गाजीपुर। जनपद के नवली में चल रहे श्री रुद्राम्बिका महायज्ञ के क्रम में वेद विभूषण, वेदाचार्य डाॅ धनंजय पाण्डेय के आचार्यत्व में काशी से पधारे वैदिक विद्वानों के द्वारा चारों वेदों के मंत्रो से सविधि रुद्राम्बिका देवता का स्वाहाकार क्रम संपादित हुआ।इस अवसर पर आचार्य जी ने बताया कि यज्ञ दान, तप का त्याग नहीं करना चाहिए। गीता में भगवान ने कहा है कि ‘यज्ञौ दानं तपश्चैव पापनाशक मनिषिणाम’ यज्ञ कर्म ,दान कर्म, तापक्रम मनीषियों को भी पावन करने वाला है। इन कर्मों का कभी भी त्याग नहीं करना चाहिए। यज्ञ के दौरान दूर-दराज से आए हुए सभी श्रद्धालुओं ने पूर्ण मनोयोग से यज्ञ मंडप की परिक्रमा किया। इस क्रम में श्री राम कथा संगीतमय के दौरान पंडित विजय कौशिक ने प्रभु श्री राम और माता सीता के स्वयंवर की विधिवत चर्चा की। मंत्र मुक्त होकर सभी श्रद्धालुओं ने श्रवण किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में ग्राम वासियों का सहयोग है।
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