चंदौली। एकीकृत न्यायालय परिसर के शिलान्यास के लिए शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश विक्रम नाथ पंकज मित्तल, मनोज मिश्रा, राजेश बिंदल के साथ हाई कोर्ट इलाहाबाद के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी पहुंचे। सीएम योगी आदित्यनाथ का भी आगमन हुआ। सारे अतिथियों का भव्य स्वागत किया गया। मुख्य अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। जिले के लिए आज का दिन ऐतिहासिक साबित होने जा रहा है। 286 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले एकीकृत जिला न्यायालय भवन का शिलान्यास प्रस्तावित है। यह आधुनिक न्यायालय परिसर लगभग 35 बीघे क्षेत्रफल में विकसित किया जाएगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि इंटीग्रेटेड कोर्ट भवन का निर्माण 1500 करोड़ की लागत से होगा। यहां आने वाले वादकारियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। खास बात यह होगी कि एक छत के नीचे सारे काम होंगे। यहां अधिवक्ताओं के चैंबर भी बनेंगे। कैंटीन की सुविधा होगी, जजों के आवास का निर्माण होगा। सुविधाएं सहजता के साथ नागरिकों को मिलेंगी। अप्रैल 2027 तक कोर्ट परिसर बन जाएंगे। कोर्ट परिसर में ही जजों के आवास होंगे। वर्तमान में शामली, औरैया, हाथरस, महोबा, अमेठी में भी इंटीग्रेटेड कोर्ट भवन हैं। न्यायालय भवन का मॉडल भी सामने आ चुका है, जिसमें प्रस्तावित परिसर अत्यंत भव्य और आकर्षक नजर आ रहा है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एस. सूर्यकांत ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बनने वाला एकीकृत कोर्ट परिसर देश के अन्य राज्यों के लिए उदाहरण और बेंचमार्क साबित होगा। उन्होंने कहा कि वे जब भी देश के किसी अन्य राज्य में जाएंगे, वहां उत्तर प्रदेश का उल्लेख जरूर करेंगे और यहां के न्यायिक ढांचे का उदाहरण देंगे। वे शनिवार को चंदौली में आयोजित कार्यक्रम में चंदौली सहित उत्तर प्रदेश के छह जनपदों के एकीकृत कोर्ट परिसर के शिलान्यास समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। चीफ जस्टिस ने कहा कि एकीकृत कोर्ट परिसर आम आदमी के संवैधानिक सपनों को साकार करने जैसा है। यहां आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और उन्हें सुगम व सुलभ न्याय प्राप्त होगा।
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