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रमज़ान की तैयारियां तेज, सहरी-इफ्तार की खरीदारी से बाजारों में रौनक, चांद के दीदार का इंतज़ार

गाज़ीपुर। पवित्र रमज़ान के आगमन को लेकर जिले भर में मुस्लिम समुदाय में खासा उत्साह देखा जा रहा है। नंदगंज और आसपास के क्षेत्रों में सहरी और इफ्तार की तैयारियां जोरों पर हैं। किराना, फल, खजूर, सूखे मेवे और अन्य खाद्य सामग्री की दुकानों पर पिछले कई दिनों से भीड़ उमड़ रही है। दुकानदारों के अनुसार रमज़ान के मद्देनज़र आटा, बेसन, चना, दाल, चीनी, सेवईं, खजूर और शर्बत की बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। रमज़ान की शुरुआत चांद के दीदार पर निर्भर करती है। यदि 18 फरवरी की शाम चांद दिखाई देता है, तो उसी रात ईशा की नमाज़ के बाद विशेष नमाज़ तरावीह अदा की जाएगी और 19 फरवरी को पहला रोज़ा रखा जाएगा। मस्जिदों से चांद दिखने की आधिकारिक घोषणा के बाद इबादतों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। रमज़ान इस्लामी कैलेंडर का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। इस दौरान रोज़ेदार सुबह सहरी के बाद से लेकर सूर्यास्त तक भूखे-प्यासे रहकर अल्लाह की इबादत करते हैं। नमाज़, कुरआन की तिलावत, जकात और सदका देने पर विशेष जोर दिया जाता है। सर्दियों के मौसम में दिन अपेक्षाकृत छोटे होने से रोज़े की अवधि कुछ कम रहती है, जिससे रोज़ेदारों को सहूलियत मिलती है। अगर 19 फरवरी से रमज़ान शुरू होता है तो 20 मार्च को आखिरी रोज़ा रखा जाएगा। इस बार पूरे महीने में पांच जुमे पड़ने की संभावना है—20 फरवरी, 27 फरवरी, 6 मार्च, 13 मार्च और 20 मार्च। इस हिसाब से 20 मार्च को पड़ने वाला जुमा “अलविदा जुमा” होगा, जिसे विशेष अहमियत दी जाती है।

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