लखनऊ। स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने तथा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी), गोरखपुर में सोमवार को सात दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों, कर्मचारियों एवं शोधार्थियों सहित 30 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योगाभ्यास किया। कार्यक्रम का शुभारंभ छात्र क्रिया कलाप परिषद के अध्यक्ष प्रो बी के पांडेय द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं तथा योग प्रशिक्षक द्वारा योग प्रार्थना के साथ किया गया। उद्घाटन अवसर पर छात्र क्रिया-कलाप परिषद के अध्यक्ष प्रो. बी. के. पाण्डेय ने योग की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक जीवनशैली, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और डिजिटल तकनीकों पर अत्यधिक निर्भरता के कारण तनाव एवं स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियाँ तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे समय में योग शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक संतुलन स्थापित करने का सबसे प्रभावी एवं वैज्ञानिक माध्यम बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास न केवल शरीर को स्वस्थ एवं ऊर्जावान बनाए रखता है, बल्कि रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने, रक्तचाप को नियंत्रित रखने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा जीवनशैली से जुड़ी अनेक बीमारियों की रोकथाम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। योग व्यक्ति को आत्मानुशासन, सकारात्मक सोच एवं मानसिक दृढ़ता प्रदान करता है, जो विशेष रूप से शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है। प्रो. पाण्डेय ने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे योग को केवल एक दिवस विशेष तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर होने के साथ-साथ आज वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य एवं कल्याण का प्रतीक बन चुका है। उद्घाटन दिवस के प्रथम सत्र में प्रतिभागियों को अनुभवी प्रशिक्षक द्वारा प्राणायाम, सूर्य नमस्कार, ध्यान तथा विभिन्न योगासनों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान योगाभ्यास की सही तकनीकों, श्वास नियंत्रण एवं मानसिक एकाग्रता बढ़ाने के उपायों की भी जानकारी दी गई। प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह एवं अनुशासन के साथ योगाभ्यास में भाग लिया। आगामी सात दिनों तक संचालित इस शिविर के दौरान प्रतिदिन स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य, फिटनेस, ध्यान, प्राणायाम तथा जीवनशैली सुधार जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य विश्वविद्यालय समुदाय में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करना है। यह प्रशिक्षण शिविर न केवल प्रतिभागियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करेगा, बल्कि परिसर में स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवन मूल्यों पर आधारित वातावरण के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।
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