गाजीपुर। गंगा के तटवर्ती क्षेत्र चकेरी धाम पर गुरू पूर्णिमा महोत्सव चकेरी धाम के महामण्डलेश्वर श्री श्री 1008 संत त्रिवेणी दास जी महाराज के नेतृत्व मे मनाया गया। इस अवसर पर कीर्तन, भजन, हवन, पूजन, ध्वजारोहण, गुरू पूजा किया गया।तत्पश्चात भक्तो को संबोधित करते हुए श्री महाराज ने कहा कि गुरु परमात्मा का रुप होता हॆ जो जीव व परमात्मा के बीच सेतु का काम करता हॆ।माया मे भटके जीव को आवागमन से छुटकारा दिलाने के लिए कार्य करता हॆ। यह मानव जीवन क्षणभंगूर हॆ आज मिला हे कल मिलेगा या नही इसकी कोई गारंटी नही हॆ।संत इस धराधाम पर अपनी इच्छा से नही आते हॆ वह परमात्मा का भेजा हुआ दूत हॆ जो चुनी हुई आत्माऒं को इक्ठ्ठा करके उपदेश देता हॆ।वह जन्म मरण के बंधन से मुक्त होता हॆ ।जीव व परमात्मा के बीच सेतु का काम करता हॆ। कृपा पात्र शिष्य जयप्रकाश दास फलहारी ने कहा जीव इस धराधाम पर क्यों आया हॆ क्या कर रहा हॆ इस धराधाम पर आने का क्या उदेश्य हॆ।अपने उदेश्य को भूल बॆठा हॆ जो समस्त दुः खों का मूल कारण हॆ।परमात्मा कहीं बाहर नही वह हमारे अंदर मॊजूद हॆ जिसे सच्चा सदगुरु ही दिखा सकता हॆ।उसे प्राप्त करने के लिए किसी विशेष वेष भूषा,व वाहरी आंडम्बर की जरुरत नही पङता हॆ। इन आंखों से भी नही देखा जा सकता। इस अवसर पर लोकगीत गायक उमेश यादव,शिवराज यादव,विनोद यादव, धुरभारी यादव,बालक दास,यशवन्त यादव,रामजी सिंह आदि लोग प्रमुख रुप से मॊजूद थे। आयोजित भण्डारा मे सॆकङो लोगो ने महाप्रसाद ग्रहण किया। इसी क्रम मे रामघाट फूलवारी आश्रम व तुलसीपुर करण्डा मे परम पूज्य शिवपूजन दास जी महाराज के आश्रम मे 12 कुन्तल बेसन का प्रसाद बनाकर वितरित किया गया।
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