गाजीपुर! डॉ. सुनील कुमार यादव मूल निवासी तरायें के रहने वाले थे अनौनी बाजार में होमियोपैथिक के सुप्रसिद्ध डा. थे निधन की खबर अत्यंत दुखद है। उनके जाने से न केवल उनके परिवार को, बल्कि उन सभी मरीजों और क्षेत्र के लोगों को एक अपूरणीय क्षति हुई है पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई उनकी निस्वार्थ चिकित्सा सेवाओं पर निर्भर थे।डॉ. सुनील के सम्मान और उनकी स्मृति में कुछ श्रद्धा-सुमन शब्द:एक समर्पित और निस्वार्थ चिकित्सकमरीजों के मसीहा: डॉ. सुनील सिर्फ एक डॉक्टर नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र के गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए एक सच्चे मददगार थे। वे बिना किसी स्वार्थ के मरीजों की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहते थे।सौम्य और दयालु स्वभाव: उनका शांत, मुस्कुराता हुआ चेहरा और मरीजों की बात को ध्यान से सुनने का स्वभाव ही आधी बीमारी को दूर कर देता था। वे हर किसी से बहुत ही आत्मीयता और सम्मान के साथ पेश आते थे।कर्तव्य के प्रति निष्ठा: अपने चैंबर (क्लीनिक) में मरीजों की सेवा करने से लेकर हर परिस्थिति में लोगों की मदद करने तक, उनका पूरा जीवन अपने पेशे और मानवता के प्रति समर्पित रहा।भावभीनी श्रद्धांजलि”एक बेहतरीन डॉक्टर का जाना समाज से एक बड़े रक्षक के खो जाने जैसा है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार व चाहने वालों को इस असीम दुख को सहने की शक्ति दे।”
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