वारणसी। निरंतर तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ रहे अशोका इंस्टीट्यूट के चेयरमैन ई0 अंकित मौर्य एवं वाइस चेयरमैन डा0 अमित मौर्य के कुशल दिशा निर्देशन में शिक्षकों द्वारा छात्रों को दी जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता को बढाने के उद्देश्य से यहां के शिक्षकों के लिए समय सयम पर देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के शिक्षण क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले एक्सपर्ट शिक्षकों को सेमिनार एवं कार्यशाला में आमंत्रित किया जाता रहा है। जिसका असर यह देखा गया हेै कि हमारे शिक्षकों द्वारा बच्चों को दी जारी उच्च गुणवत्तापूर्ण तकनीकि शिक्षा के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश में अशोका इंस्टीट्यूट नई उंचाइयों को छू रहा है। कार्यक्रम का उद्घाटन आईएमएस बीएचयू के पूर्व डीन प्रोफेसर एच0पी0 माथुर किया तत्पश्चात प्रथम सत्र में शोध पत्र के प्रकार के बारे में जानकारी देते हुए बताया इसमें सांख्यिकी उपकरण ,चार्ट, मानचित्र ,आलेख ,स्प्रेड शीट सहित साफ्टवेयर भी शामिल हैं उन्होंने क्वालिटी रिसर्च एवं पब्लिकेशन के महत्व की जानकारी के बारे में विस्तार से बताया कि शोध पत्र के लिए डेटा विश्लेशण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका उपयोग करके शोध डेटा को कहानी में बदलने और उसे वास्तविकता के अनुरुप बनाया जा सके और डेटा विष्लेशण के माध्यम से किसी भी लेख को काफी रोचक और उम्मीद से कहीं बेहतर लेख तैयार कर सकें इसलिए शोध के लिए लिखे जा रहे लेख के लिए ईमानदारी से अपनी सोच और समझ को उन्नत करते हुए लेखन का काम करें। कार्यशाला के दूसरे सत्र में टीईआरआई नई दिल्ली के डाक्टर आनन्द जायसवाल ने एसपीएसएस साफ्टवयर के प्रयोगात्मक उपयोग के बारे में बताया (हाईपोथीसिस )अनुमान के बारे में जानकारी दी पैरामैट्रिक एवं नान पैरामैट्रिक जैसे टी टेस्ट ,पेयर टी टेस्ट ,एनोवा जैसे टेस्ट के उपयोग को बताया। महाराजा सुहैल देव विश्वविद्यालय आजमगढ की असिस्टेंस प्रोफेसर डा0 अपर्णा सिंह ने क्वालिटेटिव रिसर्च मेथेडोलॉजी पर एैटलेस टीआई साफ्टवेयर का प्रयोग करने के तरीके को समझाया जिससे आप अपने रिसर्च को गुणवत्तापूर्ण तरीके से औरों से भेहतर रिसर्च रिपोट बना सकें और जिसमें किसी प्रकार की कोई त्रुटि न हो। आईएमएस बीएचयू की असिस्टेंट प्रोफेसर डा0 आनंदिता चक्रवर्ती ने बताया कि किसी भी रिसर्च की शुरुआत और अंत इसके बिना नहीं की जा सकती उन्होंने इसके स्टेज पर प्रकाश डालते हुए बताया नैरेटिव लिट्रेचर रिव्यू और स्टोरी टेलिंग सिस्टमेटिक लिट्रेचर रिव्यू इज बेसिस ऑफ फार्मुलेटिव रिसर्च कोश्चन , प्रिंसिपल बिहाइण्ड सिस्टमेटिक लिट्रेचर रिव्यू हाऊ टू क्रिएट लिट्रेचर आउट लाइन के हर स्टेज के बारे जानकारी दी। एमजेपी रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय बरेली में हेड एण्ड डीन डिपार्टमेंण्ट ऑफ बिजनेस एडमिस्ट्रिेशन की असिस्टेंट प्रोफेसर डा0 तूलिका सक्सेना ने रिसर्च रिपोर्ट राईटिंग पर रिसर्च के सभी डायमेंशन के माध्यम से रिपोर्ट एवं थीसिस बेहतर तरीके से बनाने के तरीके को समझाया इस प्रकार पांच दिन की कार्यशाला में अशोका इंस्टीट्यूट के शिक्षकों को आने वाले समय में रिसर्च पेपर तैयार करने में बहुत मदद मिलेगी । अशोका इंस्टीट्यूट में शिक्षकों की बौद्धिक क्षमता इस कार्यशाला से बढेगी जिसका फायदा यहां पर शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र एवं छात्राओं को मिलेगा। कार्यशाला के अंत में डायरेक्टर अशोका डा0 सारिका श्रीवास्तव ने कहा कि इस कार्यशाला में शामिल हुए शिक्षकों से अशोका के बच्चों को तकनीकी शिक्षा में काफी मदद मिलेगी । कार्यक्रम के अंत में डायरेक्टर अशोका डा0 सारिका श्रीवास्तव ने अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर डायरेक्टर फार्मेसी डा0 बृजेश सिंह ,अशोका स्कूल ऑफ बिजनेस के प्रिंसिपल डा0 शिरीष श्रीवास्वतव सहित इंस्टीट्यूट के शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन डिपार्टमेंट ऑफ बिजनेस एडमिस्ट्रिेशन एण्ड ह्युमैनिटीज की ओर किया गया संयोजन डा0 रोशनी जायसवाल ,ई0 आदित्य सिंह यादव सह संयोजक डा0 रविकांत जायसवाल ,डा0 सारिका सिंह ने और धन्यवाद ज्ञापन असिस्टेंट प्रोफेसर प्रीति राय ने किया।

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