मऊ। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री नगर विकास मंत्री एके शर्मा द्वारा गत दिनों ऊर्जा भवन में अधिकारियों के सामने दिया गया एक बयान चर्चा में है। उनके बयान को लेकर सोशल मीडिया से लगायत कुछ जगहों पर कुछ तथाकथित वैश्य बनिया संगठनों द्वारा जाति के विरोध में बताया है। जिसको लेकर उनके गृह जनपद मऊ में मऊ व्यापार मंच के पदाधिकारीयों ने ऊर्जा मंत्री के बयान को सही ठहराते हुए बयान का विरोध करने वालों को अराजक बताया है। शनिवार को मऊ व्यापार मंच बैठक में अध्यक्ष श्रीराम जायसवाल ने कहाकि बिजली की दुर्दशा को लेकर ऊर्जा मंत्री द्वारा अधिकारियों की बैठक ली जा रही थी। इस बैठक में उनके द्वारा कहा गया कि हम जनता के प्रति उत्तरदायित्व रखते हैं। बिजली विभाग कोई बनिया की दुकान नहीं जहां पैसा नहीं देने पर सामान नहीं मिलेगा। श्री शर्मा की इस कथन में कहीं से भी कोई अनुचित बयान नहीं है। कुछ विरोधी तत्वों द्वारा उनके बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया जा रहा है। वर्तमान परिदृश्य में वाकई व्यवसाईयों द्वारा बिना पैसे के उधारी व्यवसाय करना संभव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में व्यवसाइयों के इस मर्म को अगर किसी कैबिनेट मंत्री ने अपने अधिकारियों को समझाया तो इसमें कहीं से कोई दिक्कत नहीं है। उनके बयान को बगैर देखे तथाकथित बनिया समाज के नेता बनने वाले, क्षद्म हितैषी बनने वाले लोगों द्वारा अनर्गल प्रलाप किया जा रहा है। जो कहीं से भी उचित नहीं है। बैठक में सिंधी व्यापार संगठन के रवि खुशवानी ने कहाकि बिजली की दुर्व्यवस्था को लेकर ऊर्जा मंत्री द्वारा दिए गए बयान में बनिया वैश्य समाज के लिए कहीं से भी कोई आपत्तिजनक बात नहीं कही गई है। महासचिव अंकित बरनवाल, सौरभ बरनवाल, आदर्श अग्रवाल, नीरज जायसवाल सहित बड़ी संख्या में वैश्य बिरादरी के लोगों ने कहाकि एके शर्मा के बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश करने वाले और इस पर विधवा विलाप करने वाले तथाकथित व्यापारी नेता कोई व्यापारी के हितैषी नहीं बल्कि अराजक तत्व हैं।
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