Breaking News

खालिद आमीर के अथक परिश्रम के बदौलत बुलंदियों पर पहुंचा एमएएच इंटर कालेज

शिवकुमार   

गाजीपुर। परि‍श्रम और लगन के बदौलत व्‍यक्ति किसी भी मंजिल को प्राप्‍त कर सकता है। यह उदाहरण शहर के प्रतिष्ठित एमएएच इंटर कालेज के प्रिंसिपल खालिद आमीर पर सटीक बैठती है। 2003 से पहले एमएएच इंटर कालेज की छवि जनपद में बहुत ही खराब थी, 2003 में खालिद आमीर ने एमएएच इंटर कालेज में कार्यभार ग्रहण किया और उन्‍होने अपने मन में संकल्‍प लिया कि मैं इस स्‍कूल को बुलंदी पर पहुंचाऊंगा। उन्‍होने लगातार दो दशकों तक अथक प्रयास कर इस कालेज को आज जिले के नम्‍बर वन कालेज तक पहुंचा दिया है। जिसमे लगभग 3300 छात्र-छात्राएं पढ़ती हैं। इस कालेज का इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर भी दूसरे कालेजों से बहुत ही बेहतर है। आज एमएएच इंटर कालेज जिले के सरकारी और मान्‍यता प्राप्‍त स्‍कूलों में नम्‍बर-वन की दर्जा बनाये हुए है। इस संदर्भ में एमएएच इंटर कालेज के प्रिंसिपल खालिद आमीर ने बताया कि 2003 में हमने इस कालेज में कार्यभार ग्रहण किया था उस समय केवल ढाई सौ बच्‍चे इस स्‍कूल में पढ़ते थे। हमने मन में एक संकल्‍प लिया कि इस कालेज को अपने कार्यकाल में बुलंदी पर पहुंचायेंगे। इसी संकल्‍प के साथ हम निरंतर प्रयास करते गये, रास्‍ते में बहुत परेशानियां आयीं जो हमारे मंसूबों को और मजबूत बनाती गयीं। हमें धीरे-धीरे सफलताएं मिलती गयीं। इस कालेज के विकास में शुभचिंतकों ने दिल खोलकर सहयोग किया। प्रबंधतंत्र ने भी हर कदम पर हमें मजबूती प्रदान की। कम संसाधन के बावजूद भी पूरे जनपद में यह संदेश गया कि एमएएच इंटर कालेज में अनुशासन के साथ पढ़ाई अच्‍छी होती है। अभिभावकों ने हमारे पर भरोसा किया जिसका परिणाम हैं कि आज लगभग तीन हजार से उपर छात्र-छात्राएं पढ़ती हैं और मानक के अनुरुप कक्षाएं तथा अन्‍य संसाधन उपलब्‍ध है। इस कालेज की स्‍थापना 1932 में हुई थी। इसको हाईस्‍कूल की मान्‍यता 1948 और इंटरमीडिएट की मान्‍यता 1966 में मिली है। इस इंटर कालेज में हिंदी, अंग्रेजी दोनों माध्‍यमों से शिक्षा प्रदान की जाती है।

 

 

 

Image 1 Image 2

Check Also

गाजीपुर: पुरानी रंजिश को लेकर दो गुटों में मारपीट, दर्जनों घायल

गाजीपुर। कोतवाली थाना क्षेत्र के बकराबाद गांव में दो गुटों में पुरानी रंजिश को लेकर …