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बीएचयू कैंपस में आधी रात को केक काटने को लेकर हुआ हंगामा, छात्रों में पत्थरबाजी और मारपीट

वाराणसी। बीएचयू कैंपस में रविवार की आधी रात पांच घंटे तक हंगामा और अराजकता की स्थिति बनी रही। रात 12 बजे सुबह के 5 बजे तक कैंपस में तनाव का माहौल रहा। आईआईटी बीएचयू और बिड़ला सी हॉस्टल के हजारों छात्रों में पत्थरबाजी और मारपीट हुई। इससे दो दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। आईआईटी के तीन छात्र चोटिल हुए, जिनका ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है। भेलूपुर एसीपी गौरव कुमार समेत पांच थानों की पुलिस बल कैंपस में पहुंच गई। प्रॉक्टोरियल बोर्ड के साथ मिलकर बवाल कर रहे छात्रों को खदेड़ा। वहीं नाराज छात्र भागते हुए आईआईटी निदेशक प्रो. अमित पात्रा के आवास पहुंचे और वहां बाहर बाहर आओ-बाहर आओ की नारेबाजी करते हुए जान की सुरक्षा की मांग करने लगे। मौके पर मौजूद संस्थान के चीफ प्रॉक्टर प्रो. संजय सिंह और पूरी प्रॉक्टोरियल टीम ने छात्रों को समझाकर हॉस्टल में वापस भेजा। इस दौरान उन्हें कोई शिकायत पत्र नहीं दिया गया, लेकिन छात्रों की सुरक्षा के लिए बीएचयू के साथ बैठक की बात कही गई है। बीएचयू प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान जारी कर कहा गया है कि स्थिति की समीक्षा कर दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। बीएचयू बिड़ला सी हॉस्टल के चौराहे पर रविवार रात जन्मदिन का केक काटने को लेकर बवाल शुरू हुआ था। वहां से गुजरते आईआईटी के छात्रों ने रास्ते से हटने की बात कही। पलटवार में बीएचयू के छात्रों ने कहा कि तुम लोग रात 10 बजे के बाद बैरियर लगाकर रोकते हों तो अब बीएचयू में क्या कर रहे हो। ये जमीन बीएचयू की है, यहां न आना। इतने में आईआईटी के छात्रों पर थप्पड़ भी जड़ दिया। मार खाकर छात्र हॉस्टल तो गए लेकिन कुछ ही देर में लगभग 400 छात्रों के साथ बिड़ला हॉस्टल पर चढ़ाई के मूड से वापस लौटे। इसके बाद दोनों ओर से जमकर एक-दूसरे पर पत्थर फेंके गए। बिड़ला के छात्र मुंह बांधकर हाथ में डंडा लिए बाहर निकले और आईआईटीएंस को दौड़ा लिया। बताया गया कि इस दौरान हथियार भी लहराते देखे गए। आईआईटी के छात्र वहां से भागते हुए दो किलोमीटर दूर निदेशक कार्यालय के बाहर पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। रात 12 बजे से लेकर तड़के सुबह 5 बजे तक कैंपस में गहमागहमी की स्थिति बनी रही। बीएचयू ने सोमवार को विज्ञप्ति जारी कर बताया कि विश्वविद्यालय में 31 अगस्त की रात हुई घटना के संबंध में बीएचयू प्रशासन द्वारा संज्ञान लिया गया है। विश्वविद्यालय के सुरक्षा तंत्र द्वारा सक्रियता के साथ कार्रवाई की गई। चूंकि इस घटनाक्रम में बीएचयू और आईआईटी-बीएचयू के विद्यार्थी शामिल थे, इसलिए बीएचयू प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने आईआईटी प्रॉक्टोरियल बोर्ड और पुलिस प्रशासन के सहयोग से स्थिति को नियंत्रित किया। बीएचयू प्रशासन स्थिति की समीक्षा करेगा और इस संबंध में नियमानुसार उचित कदम उठाए जाएंगे। प्रो. संजय सिंह, चीफ प्रॉक्टर, आईआईटी बीएचयू ने बताया कि घटना में घायल छात्र अपने हॉस्टल में आ चुके हैं। आईआईटी, बीएचयू और अन्य उच्च अधिकारियों की बैठक करने पर सहमति बनी है। घटना हुई है तो निश्चित रूप से कार्रवाई भी होगी लेकिन कैंपस के सभी छात्र और छात्राओं की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाएगा। जल्द ही बैठक कर आगे की कार्यविधि और सुरक्षा के मानकों को तय किया जाएगा।

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