ग़ाज़ीपुर। जिले के युवा लेखक, पॉडकास्टर और उद्यमी गौरव श्रीवास्तव को देश के सबसे बड़े संस्थानों में से एक आईआईटी रुड़की से आमंत्रण मिला है। आने वाली 1 तारीख को वे वहाँ होने वाले कार्यक्रम में शामिल होंगे, जहाँ उन्हें बतौर स्पीकर बुलाया गया है। इस कार्यक्रम में गौरव अपनी ज़िंदगी, संघर्षों, उपलब्धियों और अपनी कंपनी के सफर के बारे में आईआईटी के विद्यार्थियों से साझा करेंगे। यह पहली बार नहीं है जब गौरव को किसी आईआईटी ने बुलाया हो। इससे पहले भी वे आईआईटी जम्मू, आईआईटी धारवाड़, आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी ,आईआईटी मद्रास, सोफिया कॉलेज मुंबई, बीट्स गोवा, आईआईएम कोझिकोड, समेत कई नामी सरकारी और निजी संस्थानों में मुख्य अतिथि और जज की भूमिका निभा चुके हैं। गौरव का साहित्य से जुड़ाव कोई नया नहीं है। महज़ 13 साल की उम्र में उन्होंने अपनी पहली किताब लिखी थी और तब से लगातार साहित्य की दुनिया में सक्रिय हैं। उनकी संस्था एसआरजी ग्रुप्स साहित्य और लेखकों के उत्थान के लिए काम कर रही है। गौरव ने भारत का पहला लेखक-केंद्रित पॉडकास्ट शो शुरू किया, जिसमें अब तक 300 से अधिक लेखक शामिल हो चुके हैं। सिर्फ इतना ही नहीं—गौरव ने हाल ही में ऐलान किया है कि वे जल्द ही ग़ाज़ीपुर का पहला पब्लिशिंग हाउस शुरू करने जा रहे हैं। यह कदम जिले में साहित्य और लेखन को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का काम करेगा और स्थानीय लेखकों को मंच देने में मील का पत्थर साबित होगा। लगभग 9 साल से ज़्यादा का अनुभव लेकर गौरव साहित्य और कंटेंट इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। वे देशभर में युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। हाल ही में उन्हें एक एंटरप्रेन्योर समिट में भी आमंत्रित किया गया था और इस महीने वे एक और बड़े सम्मेलन में जाने वाले हैं। गौरव इंस्टाग्राम पर भी बेहद सक्रिय रहते हैं और अपने वीडियोज़ के ज़रिए युवाओं की ज़िंदगी बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं। ग़ाज़ीपुर का नाम राष्ट्रीय मंचों पर रोशन करने वाले गौरव श्रीवास्तव न सिर्फ़ युवाओं के आइकॉन बन चुके हैं, बल्कि आने वाले समय में ग़ाज़ीपुर को साहित्य का नया केंद्र बनाने की ओर बढ़ रहे हैं।
Purvanchal News जोड़े आपको पूर्वांचल से….