गाजीपुर। सहायक श्रम आयुक्त अभिषेक सिंह ने जनसाधारण एवं सभी विवाह/सामाजिक कार्यक्रम आयोजकों को सूचित किया है कि शादी-विवाह समारोह, पंडाल, लाइट-सज्जा, केटरिंग, डीजे, सर्विस स्टाफ तथा लोन मैरिज हाल आदि में किसी भी बाल श्रमिक अथवा किशोर श्रमिक से किसी भी प्रकार का कार्य न तो स्वयं करवायें, न ही किसी अन्य सेवा प्रदाता को कार्य हेतु 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को नियोजित करने दें। किसी भी प्रकार के नियोजन में यदि 18 वर्ष से कम उम्र के बालक/किशोर कार्यरत पाये जाते हैं, तो औचक निरीक्षण पर बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध व विनियमन) अधिनियम, 1986, यथा संशोधित अधिनियम-2016 के सुसंगत प्रावधानों के अन्तर्गत दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें 50 हजार तक का अर्थदण्ड या 02 वर्ष तक का कारावास अथवा दोनों एक साथ दण्ड का प्रावधान है। बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध व विनियमन) अधिनियम, 1986, यथा संशोधित अधिनियम, 2016 के अन्तर्गत बाल श्रम कराया जाना संज्ञेय अपराध है, जिसमें बिना जांच किये एफ आई आर होने का प्राविधान है। अतः सभी संबंधित पंडाल संचालक, मैरिज हाल मालिक, केटरिंग एवं इवेंट मैनेजमेंट संचालक तथा नागरिकों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने कार्यक्रमों में 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से कार्य न लें तथा बाल श्रम उन्मूलन हेतु प्रशासन को सहयोग प्रदान करें। यदि कहीं भी किसी नागरिक को बाल श्रम किये जाते हुए दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित निकटतम पुलिस थाना/खण्ड शिक्षा अधिकारी/खण्ड विकास अधिकारी/तहसीलदार/उप जिला मजिस्ट्रेट/श्रम विभाग के कार्यालय में दें। इस संबंध में श्रम विभाग में किसी भी कार्य दिवस में दूरभाष संख्या- 0548-3560669 पर संपर्क कर सकते हैं।
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