लखनऊ। भारतीय शिक्षा मंडल गोरक्ष प्रांत और मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर द्वारा युवा दिवस पर आयोजित विमर्श ‘विकसित भारत स्व का बोध उठो और जागो’ (स्वामी विवेकानंद जी की दृष्टि में) मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के आर्य भट्ट सभागार में संपन्न हुआ जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश उत्तर शिक्षा आयोग उत्तर प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर ईश्वर शरण विश्वकर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर के कुलगुरु (कुलपति)और लखनऊ विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलगुरु (कुलपति) प्रो जय प्रकाश सैनी, जो भारतीय शिक्षा मंडल गोरक्ष प्रांत के प्रांत अध्यक्ष भी हैं, द्वारा किया गया। सारस्वत अतिथि के रूप में प्रोफेसर ममता मणि त्रिपाठी, प्रोफेसर बृजेश कुमार पांडे और इंजीनियर अरुण प्रकाश मल्ल उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित प्रोफेसर विश्वकर्मा ने अपने उद्बोधन में स्वामी विवेकानंद पर जीवन से लेकर अंत समय तक की महत्वपूर्ण घटनाओं तथा उनके द्वारा दिए गए योगदान की विस्तृत चर्चा की। विवेकानंद ने युवाओं का स्वजागृत करने का प्रयास किया उनकी प्रेरणा से अनेक क्रांतिकारियो ने देश की आजादी के लिए योगदान दिया। सुभाष चंद्र बोस को आजादी की लड़ाई में कूदने की प्रेरणा स्वामी विवेकानंद जी से ही प्राप्त हुई थी भारत की बौद्धिक उन्नति के लिए अनेक संन्यासियों ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र को समर्पित कर दिया। भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए स्व का जागरण आवश्यक है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर जयप्रकाश सैनी ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के पूर्ण रूप से लागू हो जाने के पश्चात स्वामी विवेकानंद जी ने जो सपना देखा था वह पूरा होगा। प्रोफेसर बृजेश कुमार पांडे ने बताया कि राष्ट्र को विकसित करने के लिए युवाओं को जागृत होना आवश्यक है हमें अपने स्व को जागृत करना होगा तभी यह देश विकसित बन सकेगा वरिष्ठ समाजसेवी इंजीनियर अरुण प्रकाश मल्ल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का सपना भारत को समृद्ध राष्ट्र बनाने की थी उन्होंने 100 युवा मिलने पर देश बदलने की बात कही थी। प्रोफेसर ममता मणि त्रिपाठी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलकर राष्ट्र के निर्माण में योगदान दे यदि स्वामी विवेकानंद की सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम का संचालन डॉ अजय कुमार सिंह द्वारा किया गया। प्रोफेसर बी के पांडे द्वारा अतिथियों का परिचय कराया गया। कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम गीत के साथ हुआ। कार्यक्रम में प्रोफेसर शरद कुमार मिश्रा,प्रो रामप्रीती मणि, प्रो कौस्तुभ नारायण मिश्र,प्रो अर्जुन मिश्र,डॉ प्रदीप सिंह,डॉ हरीश,डॉ रामकुमार,डॉ योगेश पाल,अशोक कुमार शुक्ल,अनंत कुमार तिवारी,डॉ रीना मालवीय,डॉ प्रियंका वर्मा,डॉ अंजलि सिंह,डॉ मयंक कुशवाहा,डॉ सत्येंद्र श्रीवास्तव,विवेक पाण्डेय,विवेकानंद मिश्र,डॉ ममता शाही,सत्येंद्र सिंह,ऋचा सिंह,डॉ राजन मिश्रा,डॉ प्रद्युत भारती,मिथिलेश यादव,शिव कुमार दुबे,सिद्धेश्वर त्रिपाठी,उपेंद्र तोमर,शुभम पाण्डेय और विश्वविद्यालय के विद्यार्थी आदि उपस्थित रहे।
Purvanchal News जोड़े आपको पूर्वांचल से….