लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारी तेज कर दी है। अब जिलों में मतपत्र पहुंचाए जाने लगे हैं। सभी जिलों में करीब 60 करोड़ मतपत्र भेजे जाने हैं। इसलिए प्रक्रिया अभी से शुरू कर दी गई है। निर्वाचन आयोग मतदाता पुनरीक्षण की पहली सूची जारी कर चुका है। उस पर आए दावे और आपत्तियों का निस्तारण किया जा रहा है। 28 मार्च को आयोग अंतिम सूची जारी करेगा। इस बीच आयोग मतपत्रों को भेजना शुरू कर चुका है। चूंकि मतपत्र भेजने में काफी वक्त लगता है, इसलिए इसकी प्रक्रिया सबसे पहले शुरू की है। हालांकि, अब तक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन नहीं हुआ है। इससे चुनाव समय पर होने की उम्मीद कम है। आयोग के अधिकारियों का कहना है कि वे अपनी तैयारी पूरी कर रहे हैं जैसे ही आयोग का गठन होगा और फिर तारीखों का एलान किया जाएगा। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने प्रदेश में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आयोग के गठन की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश राज्य सरकार को देने के आग्रह वाली जनहित याचिका (पीआईएल) को 4 फरवरी को सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने बृहस्पतिवार को यह आदेश स्थानीय अधिवक्ता मोतीलाल यादव की पीआईएल पर दिया है। याची का कहना है कि कानूनन पंचायत चुनाव से पहले ओबीसी आयोग का गठन आवश्यक है। इससे सीटों के आरक्षण का मुद्दा जुड़ा है।
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