बलिया। बच्चा न होने की बात का ताना देने से नाराज होकर चाचा ने 10 वर्षीय भतीजा अभिषेक प्रजापति की ईंट से हत्या कर शव को सरयू नदी में डाल दिया। पांच दिन बाद शव मिलने पर पुलिस जांच पड़ताल की तो मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने चाचा गणेश प्रजापति व उसे उकसाने के मामले में चाची अमृता प्रजापति को शनिवार को ताहिरपुर के पास गिरफ्तार किया। पुलिस लाइन के सभागार में अभिषेक हत्याकांड का खुलासा करते हुए एएसपी उत्तरी दिनेश कुमार शुक्ल ने कहा कि 31 जनवरी की शाम को सरयू नदी में सिंगही गांव निवासी अभिषेक ऊर्फ मोदी का शव मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई थी। मृतक के चाचा गणेश की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर खोजबीन कर रही थी। स्वाट, सर्विलांस टीम व सहतवार थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मामले की जांच पड़ताल के आधार पर चाचा गणेश प्रजापति को गिरफ्तार किया गया। कड़ाई से पूछताछ में बताया कि भाभी आशा देवी आए दिन लड़का न होने पर पत्नी को बांझ होने का ताना देती थी। इससे पत्नी अमृता मुझे हमेशा धिक्कारती थी। इसको लेकर 25 जनवरी को दोपहर बाद गांव के ही एक लड़के को यह कहते हुए कि अभिषेक उर्फ मोदी को भी साथ ले लो चलो तुम लोगों को पतंग दिला दूं। कुछ खिलापिला लाऊं। इस पर लड़के ने अभिषेक को साइकिल से लेकर मेरे बताए हुए स्थान चांदपुर पुरानी बस्ती शराब ठेका के आगे पहुंचा। वहीं पर मैंने लड़के को रोक दिया और अभिषेक को लेकर अपनी मोटरसाइकिल से सरयू नदी के किनारे गया। नीचे पड़े ईंट से अभिषेक उर्फ मोदी के सिर मारा, इससे वह वहीं पर गिर गया। फिर उसे नदी में फेंक दिया और वापस चला आया। लड़के ने पूछा अभिषेक कहां है, तो उसे बताया कि मैंने उसे नाव पर बैठा दिया। उसे यह धमकी भी दिया इस बात किसी से न कहोगे तो तुम्हें और तुम्हारे परिवार को भी जान से मार दूंगा। एएसपी दिनेश शुक्ल ने कहा कि चाचा गणेश प्रजापित ने हत्या करने के बाद शव को छुपाने के लिए नदी में फेंक कर घर लौट कर अभिषेक की खोजबीन करने लगा और पुलिस को अपहरण की शिकायत भी दी।बीते 31 जनवरी को शव मिलने के दूसरे दिन पत्नी के साथ वह भीड़ के साथ थाना का घेराव भी किया था। पुलिस ने पूर्व में दर्ज मुकदमा में हत्या सहित अन्य की धारा की बढ़ोत्तरी की गई है। अभियुक्त की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त आला कत्ल ईंट को बरामद की गई।
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