बलिया। साहित्य उन्नयन संघ, एक राष्ट्रीय साहित्यिक और सामाजिक सेवा संगठन, ने होली की पूर्व संध्या पर माँ अन्नपूर्णा स्मृति स्थल, ग्राम सराया गुलबराय, नगरा में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर डॉ. दिलीप चौहान बागी ने कहा, “मैं दूध का कर्ज चुकाने के लिए जिंदा हूँ।”कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। लगभग 50 जरूरतमंद बच्चों में कॉपी, कलम, रंग-अबीर और मिष्ठान वितरित किए गए।संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिलीप कुमार चौहान बागी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में बलिया इकाई के कोषाध्यक्ष रामबदन वर्मा एवं तारकेश्वर गुप्ता ने संयुक्त रूप से संयोजन, जिला उपाध्यक्ष संतोष चौहान ने संचालन एवं श्री इंद्रजीत वर्मा द्वारा संरक्षण प्रदान किया।इस अवसर पर डॉ. दिलीप कुमार चौहान ने बताया कि संगठन का लक्ष्य एक लाख गरीब और जरूरतमंद बच्चों में उक्त सामग्री का निःशुल्क वितरण करना है, जिसमें अब तक लगभग दस हजार एक सौ बच्चों को लाभ पहुँचाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि संस्था देश के सात प्रदेशों और उत्तरप्रदेश के सोलह जिलों में सक्रिय है। महराजगंज जिले से आए डॉ. शशिकुमार वर्मा ने अपनी रचना के माध्यम से शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। बस्ती जिले के मशहूर गजलकार रोमित हिमकर ने भी लाजवाब प्रस्तुति करते हुए खूब वाहवाही बटोरी। इस अवसर पर शशिकला, विश्वनाथ चौहान, रामबेलाश चौहान, डॉ. लालजी चौहान, शिवकुमार वर्मा, नंदिनी सिंह चौहान, बाल कवयित्री नंदिता, सत्यम चौहान, शिवम चौहान, अभय चौहान सहित बड़ी संख्या में बच्चे एवं गणमान्य लोगों उपस्थित रहे।
Purvanchal News जोड़े आपको पूर्वांचल से….