गाजीपुर। हरिहरपुर स्थित काली धाम में चैत्र वासांतिक नवरात्र के तीसरे दिन शनिवार को सिद्धपीठ हथियाराम के पीठाधीश्वर स्वामी भवानी नंदन यति ने पत्रकार वार्ता में बताया कि हर धर्म में उपवास का बड़ा महत्व है। नवरात्र में ईद पर्व का होना एक सुंदर सहयोग है। मैं सभी को ईद की मुबारकबाद देता हूं। वर्तमान समय में सुख-शांति और समृद्धि के लिए हिंदु और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग उपवास कर रहे हैं। सनातन धर्म के सभी लोग नवरात्र के अवसर पर सभी मंदिरों में प्रार्थना करें कि विश्व में शांति हो और युद्ध पीडि़तों की ईश्वर सहायता करें। स्वामी भवानी नंदन यति ने शंकराचार्य प्रकरण पर कहा कि शंकराचार्य और उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के कार्य अलग-अलग हैं। कुंभ में शंकराचार्य को प्रशासन का सहयोग करना चाहिए लेकिन प्रशासन के लोगों ने साधु-संतों के साथ अभद्रता की यह निंदनीय है। शंकराचार्य और प्रशासन को तालमेल के साथ काम करना चाहिए। उन्होने कहा कि विश्व में लगी आग को केवल भारत की बूझा सकता है, क्योंकि यह देश विश्व कुटुंबकम की बात करता है। भारत के लोग भगवान बुद्ध के बनाये मार्ग पर अम्बेडकर के संविधान के अनुसार चलते हैं। उन्होने कहा कि भोजन संयमित और भजन ज्यादा करना चाहिए। संयमित भोजन से शरीर मजबूत होता है और भजन से आत्मा मजबूत होती है। इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी भवानी नंदन यति जी ने गोरक्ष प्रांत के प्रांत प्रचारक रमेश जी, काशी क्षेत्र के प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के क्षेत्र संयोजक विपिन सिंह को सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन डा. एके राय व कमल किशोर ने किया।
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