गाजीपुर। साहित्य चेतना समाज की शोक सभा संस्था के संगठन सचिव प्रभाकर त्रिपाठी के सहकारी कालोनी, आमघाट स्थित आवास पर हुई।सभा में ख्यातिलब्ध मंच संचालक,वरिष्ठ साहित्यकार,रेल मंत्रालय की हिन्दी सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य हरिनारायण हरीश के निधन पर गहरा दुःख प्रकट करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।संस्था के संस्थापक अमरनाथ तिवारी ‘अमर’ ने शोक प्रकट करते हुए कहा कि साहित्य चेतना समाज की स्थापना के समय से ही संस्था को हरीश जी का सहयोग व स्नेह मिलता रहा है।अत्यंत सहज,सरल,विनम्र एवं मृदुभाषी हरीश जी के निधन से गाजीपुर के साहित्य जगत की अपूरणीय क्षति हुई है।समय-समय पर संस्था द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों एवं कवि-सम्मेलनों का संचालन उन्होंने किया।उनकी आवाज में ऐसा जादू था कि श्रोता मंत्रमुग्ध हो जाते।अपने कुशल संचालन से किसी भी आयोजन को महत्तर ऊँचाई प्रदान कर देते थे।अभी हाल ही में उनका काव्य-संग्रह ‘समय आने पर’ प्रकाशित होकर आया है।उनकी अन्य प्रकाशित प्रकाशित कृतियाँ हैं-अतीत के आईने (लघुकथा संग्रह),कर्णःपहचान की तलाश में (खण्ड-काव्य),आखिर कब तक (मिथकीय काव्य-संग्रह)।संस्था वर्ष 2021 में उन्हें ‘गाजीपुर गौरव सम्मान’ से अलंकृत कर स्वयं गौरवान्वित हुई है। सभा के अंत में मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की गई।शोक सभा में संस्था के अध्यक्ष डा.रविनन्दन वर्मा,उपाध्यक्ष संजीव गुप्त,सचिव हीरा राम गुप्ता,संगठन सचिव प्रभाकर त्रिपाठी,कोषाध्यक्ष राजीव मिश्र,आनन्द प्रकाश अग्रवाल,शशिकांत राय आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
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