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एमएमएमयूटी में पुलिस अधिकारियों हेतु साइबर फॉरेंसिक्स पर प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ

लखनऊ। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी), गोरखपुर के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग द्वारा, विश्वविद्यालय एवं गोरखपुर जोन पुलिस के मध्य हस्ताक्षरित एमओयू के अंतर्गत, साइंट टेक्नोलॉजीज, नई दिल्ली के सहयोग से पुलिस अधिकारियों हेतु “साइबर फॉरेंसिक टूल्स” पर एक सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 04 मई से 08 मई 2026 तक कुलपति प्रो. जे. पी. सैनी एवं मुथा अशोक जैन, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, गोरखपुर जोन पुलिस, गोरखपुर के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि दिनेश गोदारा (एएसपी) द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तकनीकी दक्षता अत्यंत आवश्यक है तथा ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस अधिकारियों की जांच क्षमता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को साइबर फॉरेंसिक टूल्स, जांच तकनीकों, साक्ष्य प्रबंधन तथा विधिक अनुपालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है, जिससे वे वास्तविक मामलों में इन कौशलों का प्रभावी उपयोग कर सकें। कार्यक्रम में गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज एवं कुशीनगर जनपदों से कुल 25 पुलिस अधिकारी प्रतिभाग कर रहे हैं। विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए बताया कि डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया फ्रॉड, साइबर स्टॉकिंग एवं पहचान चोरी जैसे बढ़ते साइबर अपराध कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती बने हुए हैं, जिनके समाधान में साइबर फॉरेंसिक्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. बी. के. शर्मा एवं डॉ. विमल कुमार हैं। समन्वयकों ने कार्यक्रम का परिचय देते हुए बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मोबाइल, कंप्यूटर एवं नेटवर्क फॉरेंसिक्स, मल्टीमीडिया विश्लेषण, ड्रोन एवं वीडियो फॉरेंसिक्स, वॉयस एनालिटिक्स, स्टेगनोग्राफी तथा पासवर्ड विश्लेषण जैसी उन्नत तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम के अंतर्गत संसाधन व्यक्तित्व नवीन सिंह एवं मणि भारती (Cyint Technologies) प्रतिभागियों को डिस्क एवं मोबाइल फॉरेंसिक्स, ऑडियो फॉरेंसिक्स, मैलवेयर विश्लेषण, ड्रोन फॉरेंसिक्स, वीडियो फॉरेंसिक्स, स्टेगनोग्राफी, नेटवर्क फॉरेंसिक्स, सोशल मीडिया जांच, एन्क्रिप्टेड डेटा विश्लेषण, क्रिप्टोकरेंसी ट्रेसिंग तथा न्यायालयीन मामलों हेतु रिपोर्ट लेखन जैसे विषयों पर व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करेंगे। कार्यक्रम का समापन डॉ. बी. के. शर्मा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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