मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह की तैयारियों हेतु गठित समितियों के समन्वयकों की एक बैठक माननीय कुलपति महोदया प्रो अनुपमा कौशिक शर्मा की अध्यक्षता में अटल भवन बैठक कक्ष में संपन्न हुई। बैठक के दौरान कुलसचिव सी पी प्रियदर्शी सहित विभिन्न समितियों के संयोजकगण क्रमशः प्रो वी के गिरि, प्रो राकेश कुमार, प्रो संजय मिश्र, प्रो वी के द्विवेदी, प्रो वी एल गोले, प्रो बी के पांडेय, प्रो एस पी सिंह, प्रो शिव प्रकाश, प्रो ए के पांडेय, डॉ मीनू, डॉ राजन मिश्र, एवं डॉ अभिजित मिश्र मौजूद रहे। ढाई घंटे से अधिक चली बैठक में तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा हुई। बैठक में कुलपति द्वारा कुलसचिव एवं संबंधित परियोजना अधिकारी को मल्टीपर्पज़ हॉल के मरम्मत कार्य को 30 जून तक हर हाल में पूरा कराने के निर्देश दिये जिससे के दीक्षा समारोह की तैयारियां सुचारू रूप से हो सकें। बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि सरकार की महत्वपूर्ण पहल ODOP के अंतर्गत टेराकोटा को गोरखपुर के पारंपरिक कला एवं उत्पाद के रूप में चिन्हित किए जाने के दृष्टिगत इस वर्ष दीक्षा समारोह में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों को टेराकोटा से स्मृतिचिन्ह भेंट किये जायें। साथ ही विश्वविद्यालय में आने वाले अन्य अतिथियों को भी ऐसे ही स्मृतिचिन्ह भेंट किये जायें। इससे स्थानीय कारीगरों, किसानों और लघु उद्यमियों को रोजगार एवं आय के नए अवसर प्राप्त तथा पारंपरिक कौशल का संरक्षण भी हो सकेगा। इसकी व्यवस्था के लिए मंच समिति के समन्वयक प्रो बी के पांडेय को अधिकृत किया गया। बैठक के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय की गत वर्षों की महत्वपूर्ण उपलब्धियों, विशेषताओं, और सुविधाओं को दर्शाते हुए प्रमोशनल वीडियो तैयार करवाया जाए जिसे दीक्षा समारोह सहित अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर प्रदर्शित किया जाय। साथ ही इसे विश्वविद्यालय के अन्य सोशल मीडिया हैंडल्स पर भी प्रदर्शित किया जाय जिससे कि अधिकाधिक संख्या में लोगों को विश्वविद्यालय के विषय में जानकारी हो सके। इसकी व्यवस्था के लिए कुलसचिव को निर्देशित किया गया। हाल के वर्षों तक यह व्यवस्था थी कि स्वर्ण पदक प्राप्तकर्ताओं एवं पी एच डी के छात्रों को ही दीक्षा मंच से कुलाधिपति के कर कमलों से उपाधि दी जाती थी। शेष सभी छात्रों को उपाधियाँ उनके विभागाध्यक्ष द्वारा विभागों में दी जाती थी। इस बार इस व्यवस्था में परिवर्तन करने में निर्णय लिया गया। यह निर्णय लिया गया कि इस वर्ष प्रत्येक विभाग अपने किसी वरिष्ठ प्रतिष्ठित एलुमनी को अतिथि के रूप में आमंत्रित करेगा और जिन विद्यार्थियों को मंच से उपाधि नहीं प्रदान की जाएगी उन्हें वरिष्ठ एलुमनी द्वारा समारोहपूर्वक उपाधि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, पहले के वर्षों की भांति स्कूलों के बच्चे और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां भी दीक्षा समारोह का हिस्सा होंगी। जल्द ही मुख्य अतिथि के लिए नामों का पैनल तथा प्रस्तावित क्षण प्रतिक्षण कार्यक्रम कुलाधिपति कार्यालय की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। समीक्षा के दौरान माननीय कुलपति ने सभी समन्वयकों को निर्देश दिए कि जिन कार्यों के लिए अनुमोदन की आवश्यकता है उससे संबंधित पत्रावलियां प्रस्तुत कर यथाशीघ्र अनुमति प्राप्त कर ली जाए जिससे विलंब से बचा जा सके।
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