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मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर में सेंटर फॉर फूड एंड ड्रग टेक्‍नोलॉजी की होगी स्‍थापना

लखनऊ। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में खाद्य पदार्थों और दवाओं की गुणवत्ता की जांच के लिए सेंटर फॉर फूड एंड ड्रग टेक्नोलॉजी की स्थापना की जाएगी। केंद्र की स्थापना के लिए एम एम एम यू टी की विद्या परिषद् (एकेडमिक काउंसिल) की दिनांक 03 जून 2025 को माननीय कुलपति प्रो जे पी सैनी की अध्यक्षता में संपन्न 38वीं बैठक में प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था जिसे मंजूरी मिल गई। बताते चलें कि एम एम एम यू टी में पहले से फार्मेसी विभाग संचालित है जिसमें दवाओं के विकास और परीक्षण से संबंधित प्रयोगशालाएं पहले से स्थापित हैं। पहले से उपलब्ध संसाधनों के अतिरिक्त, इस केंद्र की स्थापना में रु. 1 करोड़ 15 लाख की लागत अनुमानित है। उल्लेखनीय है कि प्राविधिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के वर्ष 2025-26 के बजट में विश्वविद्यालयों/ राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों में सेंटर फॉर एक्सीलेंस की स्थापना हेतु वित्तीय सहायता का प्रावधान है। विश्वविद्यालय की योजना है कि इसी मद के अंतर्गत वित्तीय सहायता हेतु प्रस्ताव शासन को भेजा जाए। विश्वविद्यालय जल्द ही एक करोड़ रूपये की वित्तीय सहायता के प्रस्ताव शासन को भेजेगा। शेष 15 लाख रुपए विश्वविद्यालय अपने स्रोतों से खर्च करेगा। विद्या परिषद् से मंजूरी मिलने के उपरांत प्रस्ताव को वित्त समिति की आगामी बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। प्रस्तावित के केंद्र के सुचारू संचालन हेतु केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ जितेंद्र कुमार सिंह एवं फार्मेसी विभाग की सहायक प्रोफेसर प्रीति को समन्वयक नियुक्त किया गया है। ये दोनों शिक्षक मिलकर प्रस्तावित केंद्र का संचालन करेंगे। प्रस्तावित केंद्र में दवाओं और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के परीक्षण के साथ साथ खाद्य सुरक्षा और पोषण विज्ञान, दवा निर्माण, जैव औषधि और जैव प्रौद्योगिकी, और हरित प्रौद्योगिकी की दिशा में अनुसंधान भी होंगे। विश्वविद्यालय की इस केन्द्र की प्रयोगशालाओं के लिए एन ए बी एल से मान्यता भी लेगा, जिससे कि यहां के गुणवत्ता प्रमाणन की औद्योगिक मान्यता भी हो।यह केंद्र खाद्य और औषधि गुणवत्ता के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्थापित किया जा रहा है। प्रस्तावित केंद्र खाद्य प्रसंस्करण, औषधि निर्माण, सुरक्षा और नियामक अनुपालन जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यहां होने वाले अनुसंधान का मुख्य उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य और औषधीय उत्पादों का विकास करना, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और उद्योगों के साथ सहयोग बढ़ाना है। यह केंद्र खाद्य सुरक्षा और पोषण विज्ञान पर विशेष बल देगा जिससे कि उपभोक्ताओं को पौष्टिक और सुरक्षित भोजन मिले। औषधि क्षेत्र में, यह केंद्र नई दवाओं के निर्माण, जैव-औषधि प्रौद्योगिकी और नियामक अनुसंधान में योगदान देगा जिससे जिससे सस्ती और प्रभावी दवाएं उपलब्ध हो पाएंगी।

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