लखनऊ। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रति वर्ष जारी की जाने वाली शैक्षिक संस्थानों की गुणवत्ता रैंकिंग ‘एनआईआरएफ ‘ (नेशनल इंस्टी्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क) की वर्ष 2025 की रैंकिंग में मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर ने फिर से इतिहास रचा है। विश्वविद्यालय को NIRF 2025 रैंकिंग में पांच श्रेणियों में देश के शीर्ष 100 संस्थानों में शामिल किया गया है। NIRF 2025 रैंकिंग में विश्वविद्यालय का श्रेणीवार स्थान निम्नवत है:-
ओवरऑल श्रेणी: देश में 99वीं रैंक
इंजीनियरिंग श्रेणी: देश में 60वीं रैंक
विश्वविद्यालय श्रेणी: देश में 68वीं रैंक
मैनेजमेंट श्रेणी: देश में 83वीं रैंक
राज्य विश्वविद्यालय श्रेणी: देश में 23वीं रैंक
बताते चलें कि वर्ष 2024 की NIRF रैंकिंग में विश्वविद्यालय को इंजीनियरिंग श्रेणी में देश भर में 84वाँ स्थान, विश्वविद्यालय श्रेणी में देश भर में 94वाँ स्थान, और सरकारी राज्य विश्वविद्यालय श्रेणी में देश भर में 40वाँ स्थान प्राप्त हुआ था। पिछले वर्ष विश्वविद्यालय को तीन श्रेणियों क्रमशः इंजीनियरिंग, विश्वविद्यालय, एवं सरकारी राज्य विश्वविद्यालय में ही शीर्ष 100 में स्थान प्राप्त हुआ था जबकि इस वर्ष दो अन्य श्रेणियों ओवरऑल श्रेणी तथा मैनेजमेंट श्रेणी में भी शीर्ष 100 में स्थान प्राप्त हुआ है। साथ ही वर्ष 2024 के मुकाबले इस वर्ष तीनों श्रेणियों में रैंकिंग के सुधार भी हुआ है। वर्ष 2024 इंजीनियरिंग श्रेणी में 84 वाँ स्थान प्राप्त हुआ था जबकि इस वर्ष 60वां स्थान मिला है। इसी प्रकार, विश्वविद्यालय श्रेणी में वर्ष 2024 में 94वाँ स्थान मिला था जबकि इस वर्ष 68वीं रैंक मिली है। सरकारी राज्य विश्वविद्यालय श्रेणी में विश्वविद्यालय का 2024 में 40वाँ स्थान था जबकि 2025 में 23वाँ स्थान है।विश्वविद्यालय के आई क्यू ए सी निदेशक प्रो वी एल गोले ने बताया कि एन आइ आर एफ द्वारा विभिन्न मानकों जैसे कि छात्र छात्राओं की संख्या, छात्र शिक्षक अनुपात, संसाधनों की उपलब्धता एवम् सदुपयोग, शिक्षकों एवं शोध छात्रों द्वारा प्रकाशित किए जा रहे शोध की संख्या एवम् गुणवत्ता, पेटेंट, छात्रों की प्लेसमेंट, परीक्षा का स्तर, अन्य राज्यों/ राष्ट्रों के छात्रों, महिलाओं, और आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के प्रतिनिधित्व आदि मानकों पर किसी भी संस्थान को परखा जाता है। इन मानकों में प्रदर्शन के आधार पर संस्थाओं को अंक प्रदान किए जाते हैं और सभी संस्थान को मिले अंकों के आधार पर रैंकिंग की जाती है। विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य निम्नवत हैं:
- ओवरऑल श्रेणी में उत्तर प्रदेश के मात्र दो राज्य विश्वविद्यालय शीर्ष 100 में जगह बना पाए हैं जिनमें के जी एम यू को 83वीं रैंक और एम एम एम यू टी को 99वीं रैंक मिली है।
- विश्वविद्यालय श्रेणी में उत्तर प्रदेश के मात्र तीन राज्य विश्वविद्यालय शीर्ष 100 में जगह बना पाए हैं जिनमें के जी एम यू को 50वीं रैंक, एम एम एम यू टी को 68वीं रैंक, एवं लखनऊ विश्वविद्यालय को 98वीं रैंक मिली है।
- इंजीनियरिंग श्रेणी में उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में मात्र एम एम एम यू टी ही 60वीं रैंक के साथ शीर्ष 100 में शामिल है। इसके अलावा कोई अन्य राज्य विश्वविद्यालय शीर्ष 100 में नहीं है।
- गौरतलब है कि इंजीनियरिंग श्रेणी में एम एम एम यू टी की रैंक देश के तीन आई आई टी क्रमशः आई आई टी पलक्कड, आई आई टी भिलाई, और आई आई टी धारवाड़ से बेहतर है।इसी प्रकार, एम एम एम यू टी की रैंक 11 एन आई टी संस्थानों क्रमशः एम एन एन आई टी, प्रयागराज; एस वी एन आई टी, सूरत; एन आई टी दिल्ली, एन आई टी श्रीनगर, एन आई टी भोपाल, एन आई टी जमशेदपुर, एन आई टी कुरुक्षेत्र, एन आई टी रायपुर, एन आई टी मेघालय, एन आई टी हमीरपुर, और एन आई टी पांडिचेरी से बेहतर है।
- मैनेजमेंट श्रेणी में उत्तर प्रदेश के मात्र दो राज्य विश्वविद्यालय शीर्ष 100 में शामिल हैं जिनमें एम एम एम यू टी को 83वीं रैंक और लखनऊ विश्वविद्यालय को 100वीं रैंक मिली है।
- सरकारी राज्य विश्वविद्यालय श्रेणी में प्रदेश के चार विश्वविद्यालय शीर्ष में शामिल हैं जिनमें एम एम एम यू टी को 23वीं रैंक, लखनऊ विश्वविद्यालय को 27वीं रैंक, के जी एम यू को 29वीं रैंक, तथा चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ को 41वीं रैंक मिली है। ज्ञात हो कि कुलाधिपति एवं मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लगातार सभी राज्य विश्वविद्यालयों को अपनी रैंकिंग सुधारने के लिए प्रेरित भी किया जा रहा था साथ ही साथ मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग भी प्रदान किया जा रहा था। विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय में खुशी की लहर दौड़ गई। शिक्षकों ने एक दूसरे को बधाई देकर खुशी जाहिर की। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो जे पी सैनी ने सभी शिक्षकों, छात्र छात्राओं, कर्मचारियों, एवम पुरातन छात्रों को बधाई दी। उन्होंने निदेशक, आई क्यू ए सी और रैंकिंग सेल के समस्त पदाधिकारियों को भी शुभकामनाएं दीं और कहा कि ” सभी की मेहनत से यह परिणाम आया है और आगे इस रैंकिंग को और ऊपर ले जाने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर हम सभी को कार्य करना है। माननीय कुलाधिपति महोदया आनंदीबेन पटेल जी की सतत प्रेरणा एवं मार्गदर्शन, तथा माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार से अपेक्षित सहयोग प्राप्त होने के कारण ही विश्वविद्यालय को यह उपलब्धि प्राप्त हुई है जिसके लिए समूचा विश्वविद्यालय परिवार हृदय से माननीय कुलाधिपति एवं मुख्यमंत्री का आभारी है।”
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